मोबाइल चार्जिंग के लिए अब चार्जर की जरूरत ही नहीं, कपड़ों से ही हो जाएंगे..!

मोबाइल चार्जिंग के लिए अब  चार्जर की जरूरत ही नहीं,  कपड़ों से ही हो जाएंगे..!
26-10-2022 - 08:40 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

मोबाइल फोन को चार्ज करना इसकी शुरुआत से ही बहुत ही ऊबाऊ काम रहा है। सभी मोबाइल फोनों को लिए कभी कॉमन चार्जर की बात होती रही है तो कभी ऐसे चार्जर की जिसमें वह मोबाइल फोन को तेजी से चार्ज कर दे। कभी बार तो ऐसे चार्जर की भी चाहत होती है जो सभी प्रकार के सॉकेट में फिट हो जाएं। अब ऐसी परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए ऐसे कपड़े की खोज की गई है जो चार्जर का काम कर सकता है। इसके जरिये न केवल मोबाइल फोन बल्कि स्मार्टफोन जैसे छोटे गैजेट्स भी चार्ज किये जा सकते हैं।

इस तरह के कपड़ों को ई-टेक्सटाइल का नाम दिया गया है। इसे विकसित किया है नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी के एडवांस्‍ड टेक्‍सटाइल्‍स रिसर्च इंस्‍टीट्यूट ग्रुप (ARTG) के वैज्ञानियों ने। उनका बनाया यह कपड़ा विशेष फैब्रिक का बना है। यह इतनी सौर ऊर्जा पैदा कर लेता है जिसकी मदद से आसानी से मोबाइल फोन या स्‍मार्टवॉच को चार्ज किया जा सकता है।
फिलहाल इसे अभी प्रोटोटाइप कहा जा रहा है जिसका भविष्य वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया जा सकता है। इसे बनाने में बहुत छोटे 1,200 फोटोवोल्‍टेइक सेल (सोलर पैनल) का इस्‍तेमाल होता है। ये सूरज की रोशनी से 400 मिलीवॉट इलेक्‍ट्र‍िक एनर्जी बना लेते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के फैब्रिक को दैनंदिन जीवन के कपड़ों में शामिल किया जाएगा। ऐसे कपड़ों में जैकेट्स या बैकपैक शामिल हैं।

विज्ञानियों के अनुसार कपड़े के छोटे सोलर सेल लंबे समय चलते हैं और इनमें खास तरह की फ्लेक्सिबल वायरिंग की जाती है। इन्‍हें वॉटरप्रूफ पॉलीमर रेसिन में लपेट दिया जाता है। इस तरह फैब्रिक को धुलने पर पानी से इन सोलर सेल को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है। हर एक सेल की लंबाई 5 मिमी और चौड़ाई 1.5 मिमी होती है। इससे फैब्रिक आरामदेह होने के साथ चार्जिंग के काम के लिए भी पूरी तरह तैयार होता है।
उल्लेखनीय है कि ई-टेक्‍सटाइल पर पहले भी काम हो चुका है। फिनलैंड में आल्‍टो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस पर दो दशक तक काम किया। उन्‍हें ऐसा क्‍लोदिंग आइटम बनाने में सफलता मिल चुकी है जिसे प्‍लग में लगाकर चार्ज करना पड़ता था। फिर इससे दूसरे उपकरणों को चार्ज किया जा सकता था। लेकिन, नॉटिंगघम के शोधार्थियों ने जो ई-टेक्‍सटाइल विकसित किया है, उसकी टेक्‍नोलॉजी बिल्‍कुल नई है।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।