अब नहीं चुरा सकते आप किसी की पहचान, मोदी सरकार ने किया ये प्रावधान !
<p><em><strong>अब आधार कार्ड और पैन कार्ड के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार ने भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया है। मोदी सरकार पहचान की चोरी करने और लोगों द्वारा आधार व पेन कार्ड के किए जाने वाले दुरुपयोग को सख्ती से रोकने का भरसक प्रयास कर रही है और इसके लिए संसद सत्र में एक बिल भी लाने की तैयारी कर रही है।</strong></em></p>
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रस्तावित डेटा प्रोटेक्शन बिल में वित्त मंत्री ने जुमार्ना और सजा बढ़ाने का सुझाव दिया है। इस बात की पूरी संभावना है कि यह बिल संसद के मानसून सत्र के दौरान पेश किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अभी पैन कार्ड और आधार पर कम जुर्माने का प्रावधान है, जिसके लिए संगठन के ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया है।
अभी है 10 हजार का जुर्माना
बहरहाल पैन कार्ड के दुरुपयोग पर 10,000 रुपये का जुर्माने या 6 महीने तक की जेल हो सकती है। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि चोरी की पहचान का इस्तेमाल फर्जी कंपनियों को पंजीकृत करने के लिए किया जा रहा था, इस बिल के बाद इस पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है। इस तथ्य के बावजूद कि तकनीक इसे रोकने में हमारी मदद कर रही है, यह एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा, अपराधियों को रोकने के लिए अधिक दंड लगाने के लिए उनकी ओर से मजबूत सिफारिशें भेजी गई हैं।
जीएसटी अधिकारियों की है कड़ी नजर
ये सिफारिशें करने के लिए इसे पिछले महीने बनाया गया था। देश में 12,000 से अधिक फर्जी संस्थाओं पर जीएसटी अधिकारी नजर रख रहे हैं, जो फर्जी पंजीकरण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ है। धोखाधड़ी को बड़े पैमाने पर रोकने के लिए सीबीआईसी द्वारा पूरे देश में बायोमेट्रिक सत्यापन और जियोटैगिंग प्रणाली लागू की जाएगी। मसौदा कानून में संशोधन के हिस्से के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने हितधारकों के साथ परामर्श का एक नया दौर शुरू किया है। अधिकारी के मुताबिक, समस्या का समाधान होने के बाद कैबिनेट की मंजूरी मांगी जाएगी।
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