Hambantota Port : हंबनटोटा पर चीन के युद्धपोत की मौजूदगी पर एस जयशंकर ने कहा, सुरक्षा मुद्दों से जुड़े घटनाक्रम पर हमारी नजर
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थाईलैंड-भारत संयुक्त आयोग की नौवीं बैठक में भाग लेने बैंकाक पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत अपने पड़ोस में किसी भी ऐसे घटनाक्रम की निगरानी करता है, जिसका उसकी सुरक्षा पर असर पड़ता है। उन्होंने श्रीलंका के Hambantota बंदरगाह पर मिसाइल एवं उपग्रह ट्रैकिंग पोत ‘युआन वांग 5’ के पहुंचने के बारे में सवाल पूछे जाने पर यह टिप्पणी की। संयुक्त आयोग की बैठक के बाद थाईलैंड के अपने समकक्ष डोन प्रमुदविनई के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल पर जयशंकर ने कहा, ‘‘हमारे पड़ोस में जो कुछ भी होता है, कोई भी घटनाक्रम, जिसका हमारे सुरक्षा मुद्दों पर प्रभाव पड़ता है, उस पर हमारी नजर रहती है।’’
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका के Hambantota Port पर चीन का टोही युद्धपोत 22 अगस्त तक रहेगा। पोत मूल रूप से 11 अगस्त को चीन द्वारा संचालित Hambantota Port पर पहुंचने वाला था लेकिन श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा अनुमति के अभाव में इसमें देरी हुई। भारत की चिंताओं के बीच श्रीलंका ने चीन से पोत की यात्रा टालने को कहा था लेकिन श्रीलंका ने 16 से 22 अगस्त तक पोत को बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति इस शर्त के साथ दी कि वह केवल श्रीलंका के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के भीतर स्वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस) को चालू रखेगा और कोई वैज्ञानिक अनुसंधान नहीं किया जाएगा।
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