राजस्थान विधानसभा बजट सत्र: जनहित के सवालों पर घिरते नजर आए गहलोत सरकार के मंत्री
<p><em><strong>पांच दिन के अवकाश के बाद राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र फिर शुरू हुआ तो गहलोत सरकार के मंत्री घिरते नजर आए।</strong></em></p>
सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही में सदस्यों ने कई जनहित से जुड़े सवाल उठाए, जिनके सम्बंधित विभाग के मंत्रियों ने जवाब दिए। कुछ सवालों पर मंत्री उलझते हुए भी नजर आए, जिसपर स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रश्नकाल के शुरूआती एक घंटे में लगभग शांतिपूर्ण माहौल रहा।
राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें विधानसभा में भी याद किया गया। प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही स्पीकर डॉ. सीपी जोशी के आग्रह पर सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पहले सवाल के विधायक नदारद
शहीद दिवस के मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मौन श्रद्धांजलि देने के बाद स्पीकर डॉ. जोशी ने पहले सवाल कर्ता का नाम पुकारा। लेकिन सवाल पूछने वाले सुजानगढ़ से कांग्रेस विधायक मनोज कुमार उपस्थित नहीं थे। इसके बाद स्पीकर ने अगला सवाल लिया।
मंत्री जोशी नहीं दे पाए जवाब
विधायक अविनाश गहलोत ने जैतारण में जवाई बांध पेयजल परियोजना से संबंधित सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि इस परियोजना कितने गांवों को लाभ मिल रहा हैं? पेयजल परियोजना से वंचित ग्रामों को जोड़ने का विचार क्या सरकार रखती है? इसके जवाब में जल संसाधन मंत्री महेश जोशी ने कहा कि मई 2023 तक 38 गांव को परियोजना से जोड़ना प्रस्तावित है। इसपर जब स्पीकर ने पूछा कि परियोजना से जुड़े कार्यों में देरी क्यों और किस कारण से हो रही है, तब मंत्री जोशी जवाब नहीं दे पाए।
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