नए साल में राजस्थान के टीचर्स को मिल सकता है बड़ा तोहफा ! भजनलाल सरकार कर रही तैयारी
<p>नया साल राजस्थान के टीचर्स और स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी सौगात लेकर आने वाला है। नए साल में टीचर्स की जहां तबादलों और प्रमोशन की उम्मीद पूरी हो सकती है वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूलों में खाली पड़े पदों पर शिक्षक मिल सकते हैं। जानें शिक्षा विभाग इसके लिए क्या तैयारियां कर रहा है।</p>
राजस्थान का शिक्षा विभाग नए साल में बेरोजगारों, शिक्षकों और छात्रों को खुशखबरी देने की तैयारी कर रहा है। बरसों से पेंडिंग चल रहे कार्यों को पूरा करने का प्लान विभाग ने तैयार किया है। इन्हें सौ दिन की कार्ययोजना में शामिल कर सरकार को भेजा गया है। इसके तहत विभाग एक महीने में शिक्षक तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार करेगा। तबादला नीति ड्राफ्ट अगर तय अवधि में तैयार होता है तो पांच साल से इंतजार कर रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले हो सकेंगे।
पिछली बार साल 2018 में भाजपा सरकार में ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले हुए थे। कांग्रेस सरकार में तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पाया था। इसके कारण पूरे पांच साल तक प्रदेश के करीब तीन लाख तृतीय श्रेणी शिक्षक तबादलों का इंतजार करते ही रह गए। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने सेवा नियमों में संशोधन कर बीते तीन सत्रों से रुकी हुई 17 हजार 682 पदों पर डीपीसी भी सौ दिन में पूरी करने का प्लान तैयार किया है।
12,484 पदों पर प्रक्रियाधीन भर्तियों को पूरा किया जाएगा
इन पदों पर डीपीसी होने के बाद शेष पदों पर करीब 30 हजार शिक्षकों की डीपीसी भी हो सकेगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। कार्ययोजना के अनुसार 90 दिन में शिक्षा विभाग की ओर से 12,484 पदों पर प्रक्रियाधीन भर्तियों को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा विभाग में खाली चल रहे पदों की 30 दिन में गणना कर मांग प्रेषित की जाएगी। विभाग सौ दिन में अधिशेष शिक्षकों का समायोजन कर रिक्त पदों को भी भरेगा।
402 स्कूलों में बाल वाटिकाएं शुरू की जाएंगी
इसके अलावा पीएम श्री योजना में चयनित हुए 402 स्कूलों में बाल वाटिकाएं शुरू की जाएंगी। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है लंबित स्थानांतरण नीति और कुछ शिक्षा सेवा नियम तो संशोधन के बाद डीओपी में गजट नोटिफिकेशन में रुके हुए हैं। अगर इन सभी लक्ष्यों को अर्जित कर लिया जाता है तो आगामी नए सत्र में शिक्षा विभाग का जो ढांचा बिगड़ गया था उसमें सुधार आ सकता है। यह सरकार का सहरानीय कदम होगा।
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