राजनाथ को मिला तेजस, मंगोलियाई घोड़े इतने खास क्यों?

राजनाथ को मिला तेजस, मंगोलियाई घोड़े इतने खास क्यों?
08-09-2022 - 09:48 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

चीन और रूस के बीच चारों तरफ जमीन से घिरा देश, मंगोलिया। दुनिया को जीतने वाले योद्धा चंगेज खान का देश। 12वीं सदी में इसी मंगोल शासक का मध्य एशिया में आतंक चरम पर था। एक समय दुनिया के करीब 22 फीसदी हिस्से पर उसकी हुकूमत हुआ करती थी। मंगोल लड़ाके सैकड़ों मील घोड़े पर ही चले जाते थे और उनकी विजय में वे बराबर के हकदार हुआ करते थे। एशिया के अलग-अलग हिस्सों में यहां तक कि सिंधु नदी तक चंगेज खान की फौज घोड़े पर ही चढक़र आई थी। मंगोलों के बारे में कहा जाता है कि घोड़े के बिना मंगोल बिना पंखों के पक्षी की तरह थे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगोलिया में 30 लाख से अधिक घोड़े हैं और 2020 में इनकी आबादी 33 लाख थी। ऐसे में जब कोई विदेशी मेहमान आता है तो मंगोल अपनी सबसे अजीज चीज गिफ्ट करते हैं और वह चीज है, घोड़ा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समय मंगोलिया में हैं। वहां के राष्ट्रपति ने उन्हें सफेद रंग का स्पेशल घोड़ा गिफ्ट किया है। उसका तेज देख राजनाथ ने उसे अपना नाम 'तेजस' दे दिया है।
अब जरा उस तस्वीर पर नजर दौड़ाइए, जिसमें मंगोलिया के राष्ट्रपति राजनाथ सिंह को घोड़ा दिखा रहे हैं। इसमें पारंपरिक पहनावे में दिख रहा तीसरा शख्स ही घोड़ा लेकर आया था। इसका ड्रेस कुछ वैसा ही है, जैसा चंगेज खान के समय की कल्पना की जाती है। भारत में भी बनाई जाने वाली पेंटिंग्स में चंगेज खान को इसी तरह के ड्रेस में दिखाया जाता है और घोड़े तो मंगोलिया की आत्मा में बसे हैं।
मोदी को 2015 में मिला था मंगोलियाई घोड़ा
मंगोलिया का नाम वहां की नस्ल के घोड़ों से विशेष रूप से चर्चा में रहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2015 में मंगोलिया के दौरे पर गए थे तो वहां के समकक्ष नेता ने उन्हें ब्राउन का घोड़ा गिफ्ट किया था। भारत और मंगोलिया की दोस्ती में घोड़े का अहम रोल है। संयुक्त डाक टिकट में भी घोड़े को जगह दी गई थी।
नेहरू को तीन घोड़े मिले थे
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी मंगोलियाई घोड़े गिफ्ट में मिले थे। बात 1958 की है 16 दिसंबर को चाचा नेहरू की एक तस्वीर मंगोलियाई घोड़े के साथ मौजूद है। मंगोलिया के तत्कालीन प्रमुख ने नेहरू को तीन मंगोल घोड़े गिफ्ट में दिए थे।
घोड़ा और चंगेज खान
चंगेज खान के समय से ही मंगोल घोड़ों को दुनिया के बेहतरीन घोड़ों में से एक माना जाता है। उनके बारे में एक बात बड़ी मशहूर रही थी कि  घोड़े पर बैठकर दुनिया को जीतना आसान है। मंगोल भोजन, पानी, आने-जाने, जूते, बख्तरबंद, आग, खेल, संगीत, शिकार, मनोरंजन, आध्यात्मिक शक्ति के लिए अपने घोड़े पर भरोसा करते हैं। मंगोल घोड़ों को कम पानी की जरूरत होती है और यूरोपीय नस्ल के घोड़ों की तुलना में उन्हें रोजाना राशन भी कम लगता है।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।