राजशाही के विरुद्ध ब्रिटेन में उठ रहे बगावती सुर
ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद राजशाही के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों की गिरफ्तारी से ब्रिटेन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। एडिनबर्ग में एक महिला ने तख्ती लेकर प्रदर्शन किया था जिस पर ‘भाड़ में जाए साम्राज्यवाद, राजशाही खत्म करो’ लिखा था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर शांति भंग करने का मामला दर्ज किया। इसी तरह का मामला एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया जिसने स्कॉटलैंड की राजधानी में महारानी की शव यात्रा के दौरान प्रिंस एंड्रयू को रोकने की कोशिश की थी।
ऑक्सफोर्ड में शांति कार्यकर्ता सायमन हिल को हथकड़ी पहनाई गई जब उन्होंने नए राजा के घोषणा के समारोह में इसके विरोध में नारेबाजी की। हिल ने समारोह में अचानक चिल्लाते हुए पूछा 'उन्हें किसने चुना है..?' उन्होंने साथ ही देश पर राष्ट्राध्यक्ष लादने पर भी आपत्ति जताई। पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री लिज ट्रस के प्रवक्ता मैक्स ब्लैन का कहना था, 'यह राष्ट्रीय शोक की अवधि है और पूरे ब्रिटेन में गम का महौल है... प्रदर्शन करने का अधिकार मूलभूत सिद्धांत बना रहेगा।'
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