पाकिस्तान में फौज, श्रीलंका में खुफिया जहाज ! ड्रैगन का इरादा क्या है?
NULL
श्रीलंका में खुफिया जहाज खड़ा करने के बाद चीन अब पाकिस्तान में सेना तैनात करने जा रहा है। चीनी सेना बेहद महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की सुरक्षा के लिए तैनात होगी। इन सैनिकों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान में महत्वपूर्ण चीनी निवेश को बचाने के लिए विशेष रूप से बनाई गई चौकियों पर तैनात किया जाएगा। चीन, पाकिस्तान-अफगानिस्तान के जरिए मध्य एशिया में अपने प्रभाव का विस्तार करने का इच्छुक है। यही कारण है कि उसने बड़े पैमाने पर दोनों देशों में रणनीतिक निवेश किया है। पाकिस्तान में चीन ने 60 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। वहीं, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को भी चीन ने भारी मात्रा में कर्ज मुहैया करवाया है।
पाकिस्तान पर दवाब बना रहा चीन
पाकिस्तान में चीन का प्रभुत्व इतना बढ़ गया है कि इस्लामाबाद न केवल वित्तीय बल्कि सैन्य और राजनयिक समर्थन के लिए भी चीन पर निर्भर है। यही कारण है कि चीन ने पाकिस्तान पर उन सैन्य चौकियों के निर्माण की अनुमति देने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया है जहां वह अपने सशस्त्र सैनिकों को तैनात करेगा।
शहबाज शरीफ के साथ चीनी राजदूत ने की बैठक
चीनी राजदूत नोंग रोंग ने इस संबंध में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ बैठकें की हैं। राजदूत रोंग इस साल मार्च 2022 के अंत से पाकिस्तान में नहीं थे, वे हाल ही में इस्लामाबाद आए हैं।
पाकिस्तान के लिए आगे कुआं पीछे खाई
पाकिस्तान वर्तमान में अधर में लटका हुआ है। अगर वह सैनिकों की मंजूरी देता है तो अवाम भडक़ सकती है और अगर नहीं देगा तो चीन अपने कर्ज को वापस मांग सकता है। दोनों ही सूरत में पाकिस्तानी सरकार का फंसना तय है।
What's Your Reaction?