गगनयान के लिए 4 पायलट तैयार लेकिन पहले जाएगा इसरो का ‘व्योम’
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष अभियान गगनयान के वर्ष 2024 में लॉन्च होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार, को यह बात कही। सिंह ने बताया कि सरकार ने पहले वर्ष 2022 में यानी आजादी के अमृत महोत्सव काल में अपने पहले मानव अंतरिक्ष अभियान को लॉन्च करने की योजना बनाई थी लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते ऐसा नहीं हो सका।
जितेंद्र सिंह ने कहा, 'कोविड-19 महामारी ने रूस के साथ-साथ भारत में भी अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण पर असर डाला।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गगनयान मिशन की पहली परीक्षण उड़ान इस साल के अंत में होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पहली परीक्षण उड़ान के बाद संभवत: अगले साल ‘व्योम मित्र’ नाम के एक रोबोट अंतरिक्ष यात्री को बाहरी अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
भारतीय वायु सेना ने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए संभावित चालक दल के रूप में चार लड़ाकू पायलटों की पहचान की थी, जिन्होंने रूस में बुनियादी प्रशिक्षण हासिल किया था। सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष की कक्षा में दो परीक्षण उड़ानों के नतीजों का आकलन करने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 2024 में कम से कम दो अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजेगा।
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