रूस बना रहा महाशक्तिशाली स्ट्रैटजिक बॉम्बर, अमेरिकी बी-2 से मीलों आगे की तकनीक
<p><em><strong>इस विमान में लगने वाले उपकरणों की टेस्टिंग काफी गुप्त तरीके से की जा रही है। पीएके डीए विमान के लिए इन दिनों कंपोनेंट तैयार करने का काम आखिरी दौर में है।</strong></em></p>
रूस अपने नए स्ट्रैटजिक बॉम्बर पर तेजी से काम कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह रूस का पहला प्योर स्टील्थ बॉम्बर इतना घातक होगा कि अमेरिका का कोई भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे पकड़ नहीं पाएगा। इस बॉम्बर से परमाणु मिसाइलों सहित कई तरह के ड्रोन को भी दागा जा सकेगा। इस विमान में लगने वाले उपकरणों की टेस्टिंग काफी गुप्त तरीके से की जा रही है। पीएके डीए विमान के लिए इन दिनों कंपोनेंट तैयार करने का काम आखिरी दौर में है। रूसी रिसर्च एंड प्रोडक्शन एंटरप्राइज ज़्वेज़्दा के जनरल डायरेक्टर सर्गेई पॉज़्डन्याकोव ने कहा कि हमने लंबी दूरी तक मार करने वाले पीएकए डीए स्टील्थ बॉम्बर के इजेक्शन सीट का परीक्षण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि सभी काम पहले से तय किए गए शेड्यूल के अनुसार ही हो रहे हैं। इस विमान के लिए सभी पुर्जे 2023 तक तैयार होने की उम्मीद है।
2025 में पहली उड़ान भरेगा
रूस का दावा है कि लंबी दूरी का यह स्टील्थ बमवर्षक अपनी पहली परीक्षण उड़ान मार्च 2025 में भरेगा। इसके 2028-2029 तक सीरियल प्रोडक्शन में जाने की उम्मीद है। शुरुआत में पीएके डीए बमवर्षक के तीन प्रोटोटाइप मॉडल तैयार किए जाएंगे।
पायलटों को बचाने के खास इंतजाम
इस विमान को उड़ा रहे पायलटों को बचाने के लिए एक नया बड़ा पैराशूट भी विकसित किया जा रहा है क्योंकि जब बॉम्बर के पायलट विमान से कूदते हैं तो वे समुद्र के सतह से 1000-1500 मीटर की ऊंचाई पर होते हैं। ऐसे में उनके नीचे गिरने की रफ्तार काफी तेज होती है। उन्हें बचाने के लिए बड़े गुंबद वाले स्पेशल पैराशूट की जरूरत होगी।
अमेरिकी बी-2 से ज्यादा होगी रेंज
रूस का बमवर्षक 30 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है। यह 23 टन के अपने इंजन के साथ सबसोनिक गति से उड़ सकता है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूस का पीएके डीए बमवर्षक अमेरिकी B-2 स्पिरिट की तुलना में लंबी दूरी तक यात्रा कर सकता है। रूस के पास हवा में ईंधन भरने के लिए कम टैंकर विमान हैं। ऐसे में इस विमान को ज्यादा ईंधन के साथ उड़ान भरने योग्य बनाया गया है।
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