आतिशी, निर्मला और शालिनी मेयर की रेस में
<p><em><strong>आतिशी मर्लेना का नाम इस रेस में फिलहाल सबसे आगे है। हालांकि उन्हें इसके लिए विधायक का पद छोड़ना पड़ेगा।</strong></em></p>
आप के एमसीडी में बहुमत पाते ही सबसे पहला सवाल उठ रहा है कि अब मेयर कौन होगा? विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इसके लिए भी पार्टी ने पहले ही तैयारी कर रखी है। आतिशी मर्लेना का नाम इस रेस में फिलहाल सबसे आगे है। हालांकि उन्हें इसके लिए विधायक का पद छोड़ना पड़ेगा।
आतिशी के अलावा आप नेता निर्मला देवी को भी मेयर बनाया जा सकता है। निर्मला देवी पार्टी की महिला इकाई की प्रदेश संयोजक हैं। इसके अलावा काउंसलर कैप्टन शालिनी सिंह का नाम भी चर्चा में है।
आतिशी साउथ दिल्ली की कालकाजी सीट से विधायक हैं। लोकसभा चुनाव हारने के बाद साल 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 11,422 वोट से जीत हासिल की थी।
एमसीडी चुनाव जीते पार्षदों का कार्यकाल 5 साल के लिए होता है लेकिन मेयर सिर्फ एक साल के लिए चुने जाते हैं। एमसीडी में कुल 250 वार्ड हैं। इन वार्डों से जीते पार्षद ही मेयर का चुनाव करते हैं। दिल्ली की जनता सीधे तौर पर मेयर नहीं चुन सकती। जनता पार्षदों को चुनती है और पार्षद मेयर को
एमसीडी की सरकार का कार्यकाल 5 साल का होता है। इन 5 साल में पहले साल किसी महिला पार्षद को ही मेयर बनाया जा सकता है। ये एक तरह का रिजर्वेशन है। तीसरे साल किसी अनुसूचित जाति के पार्षद को मेयर बनाया जाएगा।
आतिशी 2019 लोकसभा चुनाव में ईस्ट दिल्ली से गौतम गंभीर के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं और तीसरे नंबर पर रही थीं। हालांकि 2020 विधानसभा चुनाव में वे कालकाजी सीट से लड़ीं और जीत हासिल की। एमसीडी चुनाव में आतिशी की सीट के तीनों वार्ड पर आप को हार मिली है।
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