कर्नाटकः कौन पहनेगा मुख्यमंत्री का ताज सिद्धारमैया या डीके शिवकुमार..?
<p><em>कर्नाटक में कांग्रेस जब से सत्ता मे लौटी है, उसके नेताओं में मुख्यमंत्री को लेकर दौड़भाग शुरू हो गयी है। इन नेताओं के समर्थकों ने पोस्टर के जरिये एक युद्ध छेड़ दिया है। <strong>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया के समर्थकों ने बेंगलुरु में उनके घर के बाहर एक पोस्टर लगाया, जिसमें उन्हें ‘कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री’ बताया गया है। वहीं दूसरी ओर, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के समर्थकों ने भी उनके घर के बाहर एक पोस्टर लगाया, जिसमें उन्हें कर्नाटक का ‘मुख्यमंत्री’ घोषित करने की मांग की । </strong></em></p>
कर्नाटक में प्रचंड जीत के बाद कांग्रेस में अब सभी की निगाहें अब इस बात पर टिक गई हैं कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा ? विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार इस पद के लिए सबसे आगे हैं। दोनों फैसले के लिए आलाकमान की ओर देख रहे हैं। इस बीच दोनों के समर्थकों में पोस्टर वार शुरू हो गया है। बेंगलूरु में सबसे पहले सिद्धारमैया के घर के बाहर भावी मुख्यमंत्री के पोस्टर लगाए। इसके कुछ देर बाद डीके शिवकुमार के समर्थकों ने भी उनके भावी मुख्यमंत्री बनाए जाने के पोस्टर लगा दिए। इस बीच कांग्रेस के वरष्ठि नेता ने बताया कि आज शाम छह बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी।
दरअसल कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटों पर विजय हासिल की है। ऐसे में कर्नाटक में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस सवाल का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा था कि आलाकमान नवनिर्वाचित विधायकों की राय लेगा और उसी के अनुसार फैसला लिया जाएगा। आलाकमान की ओर से पर्यवेक्षकों को यहां भेजा जाएगा और बाद में परामर्श और उचित प्रक्रिया के बाद निर्णय लिया जाएगा। वहीं, शिवकुमार ने यह भी कहा कि आलाकमान फोन करेगा।
कर्नाटक में किसका पलड़ा भारी
सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार और सिद्धारमैया के लिए आलाकमान 50ः50 के फॉर्मूले के साथ आ रहा है, क्योंकि लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए दांव बहुत बड़ा है। सिद्धारमैया को अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और दलितों वाले अहिंदा (अल्पसांख्य, हिंदुलिदा और दलित) समूह के जननेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने नीति निर्माण और घोषणापत्र के वादों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और आरएसएस की तीखी आलोचना के लिए भी जाना जाता है।
शिवकुमार ने राज्य में पार्टी को शून्य से ऊपर उठाया, जब बीजेपी ने 2019 में उसके नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया। उन्होंने पार्टी को संगठित किया और संसाधनों को जमा किया। वह वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं और कांग्रेस पार्टी के लिए उनसे अधिकांश वोट हासिल करने में कामयाब रहे।
शाम की बैठक में होगा फैसला
उधर, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों की ओर से पोस्टर लगाए जाने के सवाल पर कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि हमारी 6 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी जिसमें पार्टी के अध्यक्ष और महासचिव राय लेंगे और मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे। हर पार्टी में किसी न किसी की कुछ महत्वाकांक्षाएं होंती हैं लेकिन सिर्फ एक ही मुख्यमंत्री होगा, जिसका चुनाव हमारे विधायक और हाईकमान करेगा।
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