सुंदर पिचाई को भूकंप आने से पहले ही मिल गया था अलर्ट, ये ऐप आया काम
<p><em><strong>शेकअलर्ट ऐप की मदद से मोबाइल अलर्ट भेजा जाता है। यह ऐप प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी नहीं करता है, इसके बजाय यह राज्य सरकार की एजेंसियों और थर्ड पार्टी के उपलब्ध कराए गए डेटा का विश्लेषण करता है।</strong></em></p>
देर रात दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए लेकिन, गूगल एक ऐसी टेक्नोलॉजी ला चुका है, जिससे भूकंप आने से पहले ही लोगों को अलर्ट मिल जाता है। इसके बार में हाल ही में सुंदर पिचाई ने भी ट्वीट किया था। शेकअलर्ट ऐप की वजह से ऐसा संभव हो पाया है।
दरअसल, 26 अक्टूबर, 2022 को सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका अलर्ट गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को और दूसरे यूजर्स को पहले ही मिल गया था। इस बारे में उन्होंने ट्वीट करके भी जानकारी दी थी।
दिल्ली-एनसीआर कांप गया
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए जबकि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकल आए।
आपका बता दें कि शेकअलर्ट नाम का प्रोजेक्ट गूगल ने साल 2013 में शुरू किया था। इसका पहला प्रयोग 2019 में किया गया था। लोगों को शेकअलर्ट ऐप की मदद से मोबाइल फोन अलर्ट भेजा जाता है। यह ऐप प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी नहीं करता है, इसके बजाय यह राज्य सरकार की एजेंसियों और थर्ड पार्टी के उपलब्ध कराए गए डेटा का विश्लेषण करता है। जब भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होती है तो एजेंसी के सेंसर्स डेटा को रिकॉर्ड करते हैं और डैमेज को लेकर डेटा सेंड करते हैं।
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