ताइवान ने डबल किया मिसाइल प्रोडक्शन, चीन को देगा मुंहतोड़ जवाब
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चीन से जारी युद्ध के खतरे के बीच ताइवान ने अपनी मिसाइल प्रोडक्शन की क्षमता को डबल कर दिया है। ताइवान की सरकारी कंपनी शनल चुंग-शान इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने कई नयी मिसाइल प्रोडक्शन फैसिलिटी को पूरा कर लिया है। इससे ताइवान की सालाना मिसाइल निर्माण क्षमता 500 से ज्यादा बढ़ जाएगी। ताइवान के पास पहले से ही क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया में सबसे ज्यादा मिसाइलें हैं।
अमेरिकी हाउस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से चिढ़े चीन ने चार दिनों तक ताइवान के चारों और जबरदस्त सैन्य अभ्यास किया। इसमें चीन की कई मिसाइलों ने ताइवान के ऊपर से उड़ान भरते हुए अपने लक्ष्य को साधा। इसी के जवाब में ताइवान ने भी अपनी रक्षात्मक क्षमता बढ़ाते हुए जमीनी, हवाई और समुद्री निगरानी तेज कर दी है। अब भी चीनी लड़ाकू विमान आए दिन ताइवान की हवाई सीमा में प्रवेश कर जबरन उकसावे की कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं।
इन हथियारों की संख्या बढ़ा रहा है ताइवान
इस इंस्टीट्यूट के बनाए उत्पादों में कार्वेट, तट पर तैनात होने वाली एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम, जमीन पर मौजूद एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, अटैक ड्रोन, हिसुंग शेंग मिसाइल सिस्टम, वान चिएन एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और कई दूसरे हथियार शामिल हैं। इनमें से कई सिस्टम को युद्ध के समय तटरक्षक बल के जहाजों पर तैनात किया जा सकता है।
चीन को पस्त कर सकती हैं ताइवान की मिसाइलें
ताइवान की ह्सिउंग शेंग क्रूज मिसाइल को अभी आधिकारिक रूप से सर्विस में शामिल नहीं किया गया है। यह ताइवान की सटीक हमला करने वाली स्ट्राइक मिसाइल है। इसका काम दुश्मन के हाई वैल्यू वाले ठिकानों, कमांड सेंटरों और एयर डिफेंस को तबाह करना है। वहीं, हसिउंग फेंग की रेंज 1,000 से 1,200 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल ताइवान से चीन के झेजियांग, अनहुई, जियांग्शी प्रांतों में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकती है।
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