जर्मनी ने अलापा कश्मीर राग, भारत ने कर दी बोलती बंद

<p><em><strong>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि जम्मू-कश्मीर दशकों से आतंकवाद का खमियाजा भुगत रहा है और यह अब तक जारी है। बागची ने कहा कि वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार प्रकृति के आतंकवाद को खत्म करने की भूमिका और जिम्मेदारी है।</strong></em></p>

जर्मनी ने अलापा कश्मीर राग, भारत ने कर दी बोलती बंद
09-10-2022 - 12:44 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

बर्लिन। कुख्यात तानाशाह हिटलर के देश जर्मनी ने पाकिस्तान के चढ़ाने पर कश्मीर राग अलापा है। जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि उनका देश कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की मांग करता है। उन्होंने यह बात चंदा मांगने पहुंचे पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। बेयरबॉक ने कहा कि उनका मानना है कि संघर्षों को सुलझाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि हम एक शांतिपूर्ण दुनिया में रहें, दुनिया के हर देश की भूमिका और जिम्मेदारी है। इस दौरान बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का वही घिसा-पिटा दावा दोहराया। उन्होंने भारत पर कश्मीरी नागरिकों पर अत्याचार करने और सेना के दम पर आवाज दबाने का झूठा आरोप भी लगाया।
भारत ने तुरंत दिया जर्मनी को करारा जवाब
जर्मन विदेश मंत्री के कश्मीर पर बयान के बाद भारत ने भी जवाब देने में देर नहीं की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि जम्मू-कश्मीर दशकों से आतंकवाद का खमियाजा भुगत रहा है और यह अब तक जारी है। बागची ने कहा कि वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार प्रकृति के आतंकवाद को खत्म करने की भूमिका और जिम्मेदारी है। भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर ने दशकों से इस तरह के आतंकवाद का खमियाजा भुगता है। यह अब तक जारी है।

आतंकवाद के मुद्दे पर भी खूब सुनाया
बागची ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और एफएटीएफ अभी भी 26/11 के भीषण हमलों में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादियों के पीछे लगे हैं। बागची ने कहा कि जब देश ऐसे खतरों को नहीं स्वीकार करते, या तो स्वार्थ या उदासीनता के कारण, वे शांति के उद्देश्य को कमजोर करते हैं और उसे बढ़ावा नहीं देते। वे आतंकवाद के पीड़ितों के साथ भी गंभीर अन्याय करते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।