लव जिहाद के खिलाफ हज़ारों की संख्या में मुम्बईकरों ने निकला मार्च, धर्मांतरण विरोधी कानून/धर्म के नाम पर जमीन हड़पने वालों पर कार्रवाई की मांग
<p><em>मुंबई में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ दक्षिणपंथी संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने एक विशाल रैली निकाली और धर्मांतरण विरोधी कानून व धर्म के नाम पर जमीन हड़पने वालों पर कार्रवाई की मांग की। सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित हिंदू जनआक्रोश मोर्चा रैली मध्य मुंबई के दादर में शिवाजी पार्क से शुरू हुई और 4 किमी से अधिक की दूरी तय करते हुए परेल के कामगार मैदान में समाप्त हई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे दक्षिणपंथी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रैली में मार्च किया। कार्यकर्ताओं ने “लव जिहाद” के खिलाफ नारेबाजी की और धर्मांतरण विरोधी कानूनों और धर्म के नाम पर जमीन हड़पने पर कार्रवाई की मांग की।</em></p>
भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट के नेता भी हुए शामिल इस रैली में
रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट के कई नेताओं और विधायकों ने भी भाग लिया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मार्च के रास्ते में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले वर्ष दिसंबर में कहा था कि सरकार अन्य राज्यों द्वारा बनाए गए “लव जिहाद” पर कानूनों का अध्ययन करेगी और उचित निर्णय लेगी।
बता दें कि “लव जिहाद” एक शब्द है जिसका इस्तेमाल अक्सर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाता है। दक्षिणपंथी नेताओं का आरोप है कि आमतौर पर मुस्लिम पुरुषों द्वारा शादी के माध्यम से हिंदू महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य किया जाता है। मुस्लिम पुरुष शादी के लिए हिंदू स्त्रियों को लुभाने का काम करते हैं और इसके लिए प्रेम यानी लव को एक चाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। मुस्लिम जेहाद के नाम पर किये गये इस छलपूर्ण लव को ही लव जिहाद का नाम दिया गया है।
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