क्या है ‘लाल डायरी’ में... जिस पर मचा राजस्थान में कोहराम

<p><em><strong>राजस्थान विधानसभा में हंगामे की वजह बनी &lsquo;लाल डायरी&rsquo; ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। मंत्री पद से हटाए गए विधायक राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को इस लाल डायरी को लेकर विधानसभा पहुंचे थे। गुढ़ा को जबरन सदन से निकाल दिया गया और लाल डायरी जब्त कर ली गई। अब इसी की चर्चा है कि लाल डायरी में आखिर है क्या?</strong></em></p>

क्या है ‘लाल डायरी’ में... जिस पर मचा राजस्थान में कोहराम
25-07-2023 - 08:12 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेन्द्र गुढ़ा सोमवार 24 जुलाई को राजस्थान विधानसभा में बड़ा खुलासा करने वाले थे। गुढ़ा यह दावा कर चुके थे कि उनके पास एक डायरी है, जो अशोक गहलोत के पूरे कारनामे उजागर कर देगी। इस डायरी का जिक्र गुढ़ा दो महीने पहले भी कर चुके हैं और अब एक बार फिर उस डायरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सोमवार को राजस्थान विधानसभा में वे इस डायरी के राज खोलेंगे। इस डायरी को लेकर राजनैतिक गलियारों में बड़ी उत्सुकता है। सब यह जानने को बेताब हैं कि आखिर इस डायरी में ऐसा क्या है।
किसकी है डायरी और कहां से मिली
कांग्रेस के अधिकतर नेता यह जानते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे नजदीकी नेता धर्मेन्द्र राठौड़ को डायरी लिखने की आदत है। वे पिछले कई सालों से नियमित रूप से डायरी लिखते आए हैं। ऐसा कहा जाता है कि हर दिन के मूवमेंट को वे अपनी डायरी में नोट करते हैं। दिन में किन-किन से मुलाकात की। किस विषय में बातें की और आगे की प्लानिंग का जिक्र भी डायरी में करते थे। नवम्बर, 2020 में धर्मेन्द्र राठौड़ के ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड पड़ी थी। उस दिन राठौड़ के आवास पर दो डायरियां थी। एक डायरी इनकम टैक्स के अधिकारियों ने जब्त कर ली लेकिन दूसरी डायरी राजेन्द्र गुढ़ा के हाथ लग गई। इसी डायरी को लेकर सदन में बड़े खुलासे होने के दावे किए जा रहे हैं।
सियासी संकट के बड़े राज छिपे हैं डायरी में
राजेन्द्र गुढ़ा का दावा है कि जो डायरी उनके हाथ लगी है, उसमें सियासी संकट के बड़े राज छिपे हुए हैं। जुलाई 2020 में जब तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने अपने समर्थकों के साथ बगावती तेवर दिखाए थे। तब गहलोत सरकार संकट में आ गई थी। संकट काल में गहलोत ने सरकार को बचाने के लिए क्या-क्या जतन किए। इसके राज इस डायरी में लिखे हुए बताए जा रहे हैं। संकटकाल के दौरान धर्मेन्द्र राठौड़ ही गहलोत के हर टास्क को पूरा करते थे। मैनेजमेंट का जिम्मा उन्हीं के पास था। चूंकि धर्मेन्द्र राठौड़ हर घटनाक्रम डायरी में लिखते थे। ऐसे में गुढ़ा के हाथ लगी यह डायरी अब सियासी संकट के राज खोलने वाली है।
34 दिन तक होटलों में रहे विधायक
जुलाई 2020 में गहलोत सरकार पर छाए सियासी संकट के दौरान सरकार बचाने के लिए सीएम गहलोत हर रणनीति पर काम कर रहे थे। सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक मानेसर की होटल में थे। इधर, गहलोत ने अपने समर्थक विधायकों की बाड़ेबंदी कर रखी थी। करीब 34 दिन तक गहलोत और उनके समर्थक विधायकों को होटलों में रहना पड़ा। 
बीजेपी विधायकों से लेनदेन का रहस्य
उन दिनों बीजेपी ने भी कुछ विधायकों की बाड़ेबंदी शुरू की थी। जयपुर एयरपोर्ट पर दो हेलीकॉप्टर आए थे, जिनके जरिए कुछ विधायकों को दक्षिण भारत भेजा जाना था। यह हेलीकॉप्टर खाली रह गए और कई विधायक एयरपोर्ट पहुंचे ही नहीं थे। उन दिनों यह चर्चाएं चली कि वसुंधरा राजे गहलोत सरकार को गिराने के पक्ष में नहीं थी। इसी वजह से हेलीकॉप्टरों को खाली लौटना पड़ा। राजेन्द्र गुढ़ा का आरोप है कि अशोक गहलोत ने बीजेपी के विधायकों को करोड़ों रुपए देकर खरीद लिया था। लेनदेन के सबूत डायरी में है।
डायरी को जलाने के लिए क्यों पूछते थे गहलोत
राजेन्द्र गुढ़ा का कहना है कि जब उन्होंने धर्मेन्द्र राठौड़ के घर से डायरी लाने का टास्क पुरा किया था। तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तारीफ करते हुए बधाई दी थी। इसके बाद गहलोत ने इस डायरी को जलाने के लिए कहा था। गुढ़ा का कहना है कि सीएम गहलोत कई बार उन्हें कॉल करके यह पूछते रहे हैं कि उस डायरी को जलाया या नहीं। गुढ़ा के इस दावे के बाद इस रहस्यमयी डायरी को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इस डायरी में ऐसा क्या छिपा है जिसके कारण गहलोत इस डायरी को नष्ट करना चाहते थे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।