कौन हैं चंद्रशेखर? टाइम मैगजीन में भी छप चुका है नाम
<p><em><strong>चंद्रशेखर आजाद पर जानलेवा हमले के बाद एक बार फिर आजाद समाज पार्टी के संस्थापक फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। सहारनपुर के एक छोटे गांव से निकलकर चंद्रशेखर आखिर कैसे इतना बड़ा नाम हो गए, जानिए उनके सफर के बारे में।</strong></em></p>
बुधवार को सहारनपुर में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर हुए जानलेवा हमले के बाद एक बार फिर से उनका नाम सुर्खियों में है। इससे पहले वह कई बार अखबारों और वेबसाइट्स की हेडलाइंस बन चुके हैं। दलितों और पिछड़ों के खिलाफ आवाज उठाने वाले चंद्रशेखर विभिन्न मुद्दों व मामलों पर कार्रवाई की मांग करते हैं।
टाइम मैगजीन की सूची में
टाइम मैगजीन द्वारा जारी की गई दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की श्रृंखला में भीम आर्मी संस्थापक एवं आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का नाम शामिल किया जा चुका है। चंद्रशेखर आजाद सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद सुर्खियों में आए थे, जिसके बाद वह 16 महीने तक रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत जेल में भी रहे।
एलएलबी तक की पढ़ाई
छुटमलपुर के पास स्थित गांव घड़कोली के रहने वाले चंद्रशेखर आजाद ने एलएलबी की पढ़ाई देहरादून से की है। वर्ष 2015 में भीम आर्मी भारत एकता मिशन का गठन किया गया था, जिसके वह संस्थापक हैं। मई 2017 में जब शब्बीरपुर गांव में जातीय हिंसा हुई तो भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरीं थीं।
कई मामलों पर कार्रवाई की मांग
जेल से रिहा होने के बाद चंद्रशेखर ने मिशन जारी रखा और दलितों के खिलाफ होने वाले मामलों में कार्रवाई की मांग उठाते रहे। हाथरस की बिटिया से दरिंदगी के मामले से लेकर राजस्थान और हरियाणा में हुई घटनाओं के विरोध में भी प्रदर्शन किए। इसके अलावा दिल्ली में संत रविदास मंदिर हटाने से रोकने को लेकर भी आंदोलन किया।
स्कूल चलाए और बच्चों को किताबों का वितरण
भीम आर्मी ने दलित समुदाय की शिक्षा को लेकर भी प्रयास किए। गांव भादो में इस संगठन ने पहला स्कूल भी खोला था। जबकि अन्य जिलों में भीम आर्मी की टीम द्वारा स्कूलों में किताबों का वितरण कराया गया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाई।
पार्टी का गठन कर राजनीति में रखा कदम
चंद्रशेखर आजाद ने आजाद समाज पार्टी का गठन किया। इसके बाद यूपी के विभिन्न सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान बुलंदशहर सीट से अपना प्रत्याशी भी उतारा। वह गठबंधन में भी शामिल रह चुके हैं। सहारनपुर में बुधवार को भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर पर कार सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला किया तो वह फिर से सुर्खियों में आ गए। चार गोलियों में एक गोली उनके पेट को छूते हुए निकल गई। घायलावस्था में उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हाईवे पर हुए चार राउंड फायर
बुधवार की शाम चंद्रशेखर देवबंद की गांधी कॉलोनी निवासी अधिवक्ता अजय कुमार की माता की तेहरवीं में शामिल होने आए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे वह अपनी फॉर्च्यूनर कार से लौट रहे थे। उनके साथ कार में जिला पंचायत सदस्य कारी नौशाद और महक सिंह सहित कई पदाधिकारी भी बैठे थे। फ्लाईओवर के नीचे यूनियन तिराहे के पास कार सवार बदमाशों ने उन पर चार राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली उनके पेट को दाईं ओर छूकर निकल गई, जिससे वह घायल हो गए। हाईवे पर फायरिंग से अफरा तफरी मच गई। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और रालोद सुप्रीमो जयंत चैधरी ने ट्वीट कर हमले की निंदा की है।
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