राजस्थान में अबकी बार किसकी बनेगी सरकार..? कौन बनेगा मुख्यमंत्री पद का दावेदार, गहलोत, वसुंधरा और पायलट नहीं तो और कौन..?

<p><em>राजस्थान में विधानसभा के लिए 25 नवंबर को मतदान हुआ। रविवार, 3 दिसंबर को मतगणना का दिन है और तब स्पष्ट हो ही&nbsp; जाएगा कि चुनाव में किसे&nbsp;जीत मिली है और किसके भाग्य में हार आई है। अलबत्ता डॉ. पंडित अमित व्यास के ज्योतिषीय आकलन के अनुसार&nbsp;&nbsp;भाजपा को 106 से 114 सीटे मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को&nbsp;72 से 82 सीटें मिलने की संभावना इसमें दिखाई पड़ रही हैं। ऐसी स्थिति में राजस्थान में विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनने के प्रबल योग दिखलाई पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं अशोक गहलोत,सचिन पायलट और वसुंधरा राजे की कुंडली क्या कहती है..?&nbsp;कौन बनेगा अबकी बार राजस्थान की सत्ता का हकदार..?</em></p>

राजस्थान में अबकी बार किसकी बनेगी सरकार..?  कौन बनेगा मुख्यमंत्री पद का दावेदार, गहलोत, वसुंधरा और पायलट नहीं तो और कौन..?
02-12-2023 - 08:49 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

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शनि में चंद्र की कठिन दशा में पायलट को हो सकता है नुकसान
राजस्थान से कांग्रेस के युवा चेहरा के रूप में सचिन पायलट को जाना जाता है। इनका जन्म 7 सितंबर 1977 को सुबह 5 बजकर 28 मिनट पर सहारनपुर उत्तर प्रदेश में हुआ था। सिंह लग्न की इनकी कुंडली में नवम भाव का स्वामी मंगल लाभ के स्थान एकादश भाव में पंचमेश गुरु तथा द्वादशेश चंद्रमा के साथ मिलकर बेहद शुभ योग बना रहा है। शनि हानि स्थान यानी बाहरवें घर में है तथा अर्तदशानाथ चंद्रमा महादशा नाथ शनि से बाहरवें घर में है तथा नवांश में नीच राशि में है। सचिन पायलट अपने अधिक समर्थकों को विधानसभा के लिए टिकट नहीं दिला पाएंगे जिससे उनकी स्थिति प्रदेश में कमज़ोर होती दिख रही है। ऐसे में इनको अबकी बार भी राजस्थान में मुंख्यमंत्री पद मिलना मुश्किल दिख रहा है।

अशोक गहलोत की कुंडली का 'पाप कर्तरी' योग बन रहा बाधक
राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्म 3 मई 1951 को सुबह 9 बजकर 50 मिनट पर जोधपुर में हुआ है और इनकी कुंडली के अनुसार इनका जन्म लग्न मिथुन बनता है। अशोक गहलोत की कुंडली में राज-सत्ता के स्थान दशम भाव में गुरु-चंद्र का शुभ गजकेसरी योग बन रहा है।अशोक गहलोत की कुंडली में दशम में बैठे गुरु की पिछली राशि में राहु तथा अगली राशि में पाप ग्रहों सूर्य और मंगल का होना उनके लिए बाधक योग बना है। नवमांश कुंडली में गुरु अष्टम भाव में होकर अशुभ स्थिति में है, ऐसे में राजस्थान चुनाव में इनका प्रदर्शन संतोषजनक रह सकता है लेकिन यह अपनी पार्टी को जीत दिला पाएं यह मुश्किल दिख रहा है।

वसुंधरा राजे का 'नीच भंग' राजयोग दिला सकता है सत्ता सुख

8 मार्च 1953 को शाम 4 बजकर 45 मिनट पर मुंबई महाराष्ट्र में जन्मीं वसुंधरा राजे ग्वालियर के प्रसिद्ध सिंधिया राजघराने से संबंध रखती हैं। कर्क लग्न की इनकी कुंडली में पद प्राप्ति के स्थान यानी सप्तम भाव के स्वामी शनि अपनी उच्च राशि तुला में होकर सिंहासन के स्थान यानी चतुर्थ भाव में हैं। शनि को राज सत्ता के स्थान दशम भाव से नवमेश गुरु तथा चतुर्थेश शुक्र देख रहे हैं। जिससे एक प्रबल राजयोग बना रहा है।

इस बार राजस्थान में विधानसभा चुनाव 25 नवंबर 2023 शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी शनिवार को रहेगा उसे दिन केतु की दशा में मतदान रहेगा जिससे मतदाताओं के मन में मतदान को लेकर कन्फ्यूजन बना रहेगा परंतु जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली को देखा जाए तो केतु की दशा में मतदाता का सकारात्मक प्रभाव भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करेगा और जिसे भाजपा के पक्ष में सकारात्मक परिणाम रहेगा जिसके परिणाम स्वरूप भाजपा को 106 से 114 सीटे मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को  72 से 82 सीटे मिलने की संभावना इसमें दिखाई पड़ रही हैं ऐसी स्थिति में राजस्थान में विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनने के प्रबल योग दिखलाई पड़ रहे हैं|

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।