क्यों उठ रही तुरा को मेघालय की दूसरी राजधानी बनाने की मांग
<p><em><strong>तुरा को शीतकालीन राजधानी बनाने की मांग की जा रही है। इस मांग के चलते बीते सोमवार को तुरा में स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पर कुछ लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमले में लगभग 5 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। वहीं ये हमला उस समय हुआ जब सीएम मीटिंग कर रहे थे। इस खबर में जानिए कि क्यों हो रही है तुरा को शीतकालीन राजधानी बनाने की मांग।</strong></em></p>
मेघालय राज्य में एक नई बहस छिड़ गई है। मेघालय के जिले तुरा को मेघालय की शीतकालीन राजधानी बनाने की मांग की जा रही है। इसके चलते मेघायल में हिंसा और झड़प की कई खबरें सामने आ रही है। वहीं, बीते सोमवार को मेघायल के तुरा में मुख्यमंत्री कार्यालय पर हमला किया गया। जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबरें भी सामने आई थी।
कैसे हुई विवाद की शुरुआत?
ये हमला उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा कॉन्शियस होलिस्टिकली इंटीग्रेटेड क्रिमा और गारो हिल्स स्टेट मूवमेंट कमेटी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। ये नेता तुरा को मेघालय की शीतकालीन राजधानी बनाने की मांग कर रहे थे, तभी कार्यालय के बाहर सैकड़ों लोग पहुंचे और नारे लगाने लगे। इसके बाद भीड़ ने कार्यालय पर पथराव शुरू कर दिया। हमले के दौरान आगजनी और तोड़फोड़ भी की गई।
अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तुरा में 3 घंटे से अधिक समय तक आंदोलनकारी संगठनों के साथ शांतिपूर्ण चर्चा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारी संगठनों से अपनी हड़ताल वापस लेने और अगले महीने राज्य की राजधानी शिलांग में बैठक के लिए आगे आने की अपील की थी।
किसने उठाई शीतकाली राजधानी की मांग?
तुरा को मेघालय की शीतकालीन राजधानी बनाने की मांग एसीएचआईके द्वारा उठाई गई थी। ये मांग उठने के बाद 24 जुलाई की रात से ही हिंसा दिखने लगी थी। वर्तमान में राज्य की राजधानी शिलांग पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित है। शिलांग लगभग पहाड़ियों के केंद्र में है, जहां खासी लोग रहते हैं, जो मेघालय के 3 मातृसत्तात्मक समुदायों में से एक हैं। वहीं, अन्य दो गारो हिल्स में केंद्रित गारो हैं और जैन्तिया हिल्स पर हावी जयन्तिया हैं। 11 जुलाई को, एसीएचआईके नेता तुरा को शीतकालीन राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर (अक्टूबर से मार्च तक) 6 महीने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया था।
शीतकालीन राजधानी की मांग क्यों?
अप्रैल के महीने में भी एसीएचआईके ने मुख्यमंत्री के नाम एक याचिका दी थी। उनका कहना था कि जब से मेघालय राज्य बना है, तब से ये सपना देखा जा रहा है। संगठन के मुताबिक सरकार ने तुरा को राजधानी घोषित करने का वादा भी किया था।
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