क्या गुल खिलाएगी दो टेक दिग्गजों की जुगलबंदी..! वॉट्सऐप और ट्रू काॅलर ने मिलाया हाथ
<p><em><strong>पिछले कुछ माह में वॉट्सऐप पर इंटरनेशनल नंबर से स्पैम और फ्रॉड कॉल की संख्या में इजाफा देखा गया है, जिसे काउंटर करने के लिए वाॅटसएप ने ट्रू काॅलर से साझेदारी की है।</strong></em></p>
तकनीकी जगत की दो दिग्गज कंपनियों वॉट्सऐप और ट्रू काॅलर ने ग्लोबल स्तर पर साझेदारी का ऐलान किया है। ट्रूकॉलर की ओर से कॉलर आइडेंटिफिकेशन सर्विस को वाॅटसएप के साथ जोड़ा जा रहा है। मतलब ट्रूकॉलर का कॉलर आइडेंटिफिकेशन फीचर वॉट्सऐप प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा। सवाल उठता है कि इस साझेदारी से आम यूजर्स को क्या फायदा होगा, जब पहले से उसके मोबाइल फोन में ट्रूकॉलर ऐप मौजूद है।
वीडियो और ऑडियो दोनों काॅल पर सुविधा
यह फीचर वॉट्सऐप यूजर्स को इंटरनेट से आने वाली फर्जी और स्पैम कॉल्स से बचाएगा। अभी तक यह फीचर टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर वाली कॉल के लिए उपलब्ध था। लेकिन पिछले कुछ वक्त से इंटरनेशन नंबर से फर्जी इंटरनेट कॉल आने की शिकायत मिल रही थी। ऐसे में वॉट्सऐप से ट्रूकॉलर से साझेदारी की है। ऐसे में ट्रूकॉलर फीचर वीडियो और ऑडियो कॉल दोनों के लिए उपलब्ध होगा।
कब तक उपलब्ध होगा फीचर
ट्रूकॉलर के चीफ एक्जीक्यूटिव एलन ममेदी ने कहा कि फिलहाल यह सुविधा अभी बीटा वर्जन में उपलब्ध है। जिसे इस माह मई के अंत में ग्लोबली रोलआउट कर दिया जाएगा। लेकिन कंपनी ने कोई डेडलाइन नहीं दी है।
इंटरनेशनल कॉल बने मुसीबत
भारत समेत दुनियाभर में टेलीमार्केटर्स और हैकर्स की ओर से फ्रॉड कॉल के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले एक माह में इंटरनेशनल नंबर से स्पैम, फ्रॉड कॉल की संख्या में इजाफा देखने को मिला है ज्तनमबंससमत की 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर यूजर्स को प्रतिमाह औसतन 17 स्पैम कॉल आते हैं।
फ्रॉड कॉल पर होगा डबल हमला
बता दें कि इस साल की शुरुआत में ट्राई की ओर से रिलायंस जियो, वोडाफोन और एयरटेल जैसे टेलीकॉम ऑपरेटर को ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फिल्टर का उपयोग करके अपने नेटवर्क पर टेलीमार्केटिंग कॉल को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था, जिसे 1 मई 2023 से रोलआउट करना शुरू कर दिया गया है।
व्हाट्सएप और ट्रूकॉलर के लिए भारत बड़ा बाजार
दोनों ही कंपनियों के लिए भारत सबसे बड़ा मार्केट है। ऐसे में दोनों कंपनियां साथ मिलकर स्पैम और फ्रॉड कॉल के खिलाफ काम करेंगी। ट्रू काॅलर का कहना है कि उसकी तरफ से स्पैम डिटेक्शन तकनीक का उपयोग किया जाता है।
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