मक्का में विराजमान हैं मक्केश्वर महादेवः स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
नागौर में गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि ज्ञानवापी के अतिरिक्त मौजूद महादेव के अलावा मक्का में भी मक्केश्वर महादेव विराजमान हैं। वहां पर महादेव की मौजूदगी होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। रविवार, 18 सितंबर पत्रकारों से बातचीत में
शंकराचार्य का कहना था कि केवल ज्ञानवापी में ही महादेव नहीं है। यहां से मक्केश्वर महादेव की दूरी महज तीन हजार किलोमीटर है, जहां हवाई यात्रा कर महज तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। इसके लिए भी सनातनधर्मियों को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बात के ऐतिहासिक तथ्य मौजूद हैं कि वहां पर मक्केश्वर महादेव विराजमान हैं।
लंपी से पीडि़त गोवंश के लिए सरकार की ओर से किये गये प्रयास के संदर्भ में शंकराचार्य ने कहा कि कुछ समय पहले गौसेवा करने वाले रक्षकों को गोरक्षक गुण्डों की संज्ञा दी गई थी। यह बेहद विडम्बनापूर्ण स्थिति है कि गो हत्या करने वालों को हत्यारों की संज्ञा नहीं दी गई जबकि गौरक्षकों के लिए प्रयुक्त किया गया यह शब्द काफी कुछ प्रदर्शित कर देता है।
गौसेवा पर्यावरण का प्रमुख अंग
शंकराचार्य ने कहा कि गौवंश की सेवा का कार्य भी पर्यावरण का एक प्रमुख अंग है। विकास के दौरान पर्यावरण की महत्ता का पूरी तरह से ध्यान रखना होगा।
भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित हो
भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए। भारत के हिंदू राष्ट्र घोषित होने पर कई अन्य देश भी इसका अनुकरण करने के लिए तैयार हैं। इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले भारत इसकी घोषणा करे तो अन्य पंद्रह देश भी इसके लिए तैयार हैं।
शंकराचार्य आज जयपुर में
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पांच साल बाद राष्ट्रोत्कर्ष अभियान यात्रा के अंतर्गत जयपुर में 19 से 21 सितंबर तक प्रवास पर रहेंगे। धर्म संघ पीठ परिषद आदित्य वाहिनी, आनंद वाहिनी, राम राज्य परिषद, हिंदू राष्ट्र संघ, राष्ट्रोत्थान अभियान, सनातन संत समिति सहित अनेक संस्थाएं उनके प्रवास को ऐतिहासिक बनाने में जुटी हैं। उनका मुख्य कार्यक्रम 20 सितंबर को शाम 5 बजे गोविंददेवजी मंदिर के सत्संग भवन में होगा।
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