सर्वदलीय बैठक में उठा महिला आरक्षण का मुद्दा, सरकार दे सकती है सरप्राइज

<p><em><strong>केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक पांच दिन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है। केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक पांच दिन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है। सर्वदलीय बैठक में कई नेताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण से जुड़े इस विधेयक को पेश किया जाना चाहिए और उम्मीद है कि इसे आम सहमति से पारित किया जा सकता है। विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान है।</strong></em></p>

सर्वदलीय बैठक में उठा महिला आरक्षण का मुद्दा, सरकार दे सकती है सरप्राइज
19-09-2023 - 12:32 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

पांच दिवसीय संसद सत्र से एक दिन पहले रविवार को सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान कई दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को संसद में पेश करने पर जोर दिया। सर्वदलीय बैठक में कई नेताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित इस विधेयक को पेश किया जाना चाहिए और उम्मीद है कि इसे आम सहमति से पारित किया जा सकता है। विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान है। सूत्रों ने कहा कि कुछ क्षेत्रीय दलों ने महिलाओं के लिए समग्र आरक्षण के भीतर पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों के लिए कोटा की मांग की है जो पूर्व में विधेयक के पारित होने में एक महत्वपूर्ण बाधा रही है।
‘किसी नए एजेंडे से सभी को आश्चर्यचकित कर सकती है सरकार’
इस सर्वदलीय बैठक में शामिल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी ने कहा, ‘सभी विपक्षी दलों ने इस संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने की मांग की।’ चैधरी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने नेताओं को सूचित किया है कि यह संसद का नियमित सत्र है। उन्होंने कहा, ‘केवल सरकार ही जानती है कि उसकी मंशा क्या है। वह किसी नए एजेंडे से सभी को आश्चर्यचकित कर सकती है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि बैठक में उनकी पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी, चीन के साथ सीमा पर स्थिति जैसे मुद्दे उठाए।
वहीं, बीजेपी के सहयोगी और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘हम सरकार से इस संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने की अपील करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश होने पर आम सहमति से पारित हो जाएगा।’ पटेल ने कहा कि मंगलवार को गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर संसद नए भवन में स्थानांतरित हो जाएगी।
विपक्ष ने दिया महिला आरक्षण पर जोर
बीजू जनता दल (बीजद) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सहित कई क्षेत्रीय दलों ने भी महिला आरक्षण विधेयक पेश करने पर जोर दिया। बीजद और बीआरएस नेताओं ने कहा कि वे पांच दिवसीय सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पेश करने और पारित कराने पर जोर देंगे। सर्वदलीय बैठक के बाद बीजद नेता पिनाकी मिश्रा ने कहा कि नए संसद भवन से एक नए युग की शुरुआत होनी चाहिए और महिला आरक्षण विधेयक पारित होना चाहिए।
‘उचित समय पर लिया जाएगा महिला आरक्षण बिल पर फैसला’
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हाल में कश्मीर में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को सर्वदलीय बैठक में श्रद्धांजलि दी गई। महिला आरक्षण विधेयक पर दलों की मांग को लेकर जोशी ने कहा कि उचित समय पर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा में सदन के उपनेता एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, राज्यसभा में सदन के नेता और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी, पूर्व प्रधानमंत्री और जद (एस) नेता एच।डी। देवेगौड़ा, द्रमुक सांसद कनिमोझी, तेदेपा के राम मोहन नायडू, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, बीजद के सस्मित पात्रा, बीआरएस नेता के। केशव राव, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वी। विजयसाई रेड्डी, राजद के मनोज झा, जदयू के अनिल हेगड़े और समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने बैठक में हिस्सा लिया।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।