ओला और उबर को iPhone और Android पर कीमत भिन्नता के आरोप में नोटिस
कैब एग्रीगेटर कंपनियां ओला और उबर को उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने नोटिस जारी किया है। उन पर यह आरोप है कि वे ग्राहकों से उनके मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम (iPhone या Android) के आधार पर अलग-अलग किराया वसूल रही हैं।
नयी दिल्ली। कैब एग्रीगेटर कंपनियां ओला और उबर को उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने नोटिस जारी किया है। उन पर यह आरोप है कि वे ग्राहकों से उनके मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम (iPhone या Android) के आधार पर अलग-अलग किराया वसूल रही हैं।
क्या कहा मंत्री ने?
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस मामले में ट्वीट करते हुए जानकारी दी।
उन्होंने लिखा, "विभिन्न मोबाइल मॉडलों (iPhone/Android) के आधार पर कीमत में अंतर की प्रथा की जांच करते हुए, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने CCPA के माध्यम से प्रमुख कैब एग्रीगेटरों (ओला और उबर) को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है।"
As a follow-up to the earlier observation of apparent #DifferentialPricing based on the different models of mobiles (#iPhones/ #Android) being used, Department of Consumer Affairs through the CCPA, has issued notices to major cab aggregators #Ola and #Uber, seeking their… — Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) January 23, 2025
जोशी ने दिसंबर 2024 में इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि उपभोक्ताओं के शोषण को "शून्य सहनशीलता" (zero tolerance) के साथ लिया जाएगा। उन्होंने इसे "प्रथम दृष्टि में अनुचित व्यापार प्रथा" और "उपभोक्ताओं के अधिकारों का खुला उल्लंघन" बताया।
कंपनियों का रुख
- उबर ने इन आरोपों को खारिज किया है।
उबर के प्रवक्ता ने कहा, "हम किसी भी ग्राहक का किराया उसके फोन निर्माता के आधार पर तय नहीं करते। CCPA के साथ इस गलतफहमी को दूर करने के लिए हम पूरी तरह से सहयोग करेंगे।" - ओला की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह मामला तब सामने आया जब उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि iPhone उपयोगकर्ताओं से कैब बुकिंग के लिए अधिक शुल्क लिया जा रहा है, जबकि Android उपयोगकर्ताओं से कम। इसे उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ माना जा रहा है, जिसमें पारदर्शिता का अभाव है।
क्या हो सकता है आगे?
अगर इन कंपनियों पर आरोप सही साबित होते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, यह मामला अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए भी एक मिसाल कायम कर सकता है।
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