कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बाद सिगरेट कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी

बुधवार को सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखा गया। यह तेजी कंपनियों द्वारा ऊंचे करों के असर की भरपाई के लिए कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने के बाद आई। ITC के शेयर 2.2% चढ़कर ₹332.70 पर बंद हुए, जबकि Godfrey Phillips India के शेयरों में करीब 20% की जोरदार तेजी आई और यह ₹2,478.80 पर बंद हुए। वहीं, VST Industries के शेयरों में भी बुधवार को 2% से अधिक की बढ़त..

कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बाद सिगरेट कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी
19-02-2026 - 08:47 AM

बुधवार को सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखा गया। यह तेजी कंपनियों द्वारा ऊंचे करों के असर की भरपाई के लिए कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने के बाद आई।
ITC
के शेयर 2.2% चढ़कर ₹332.70 पर बंद हुए, जबकि Godfrey Phillips India के शेयरों में करीब 20% की जोरदार तेजी आई और यह ₹2,478.80 पर बंद हुए। वहीं, VST Industries के शेयरों में भी बुधवार को 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

सिगरेट की कीमतों में तेज बढ़ोतरी

उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, Godfrey Phillips India ने Marlboro Compact की कीमत ₹9.50 प्रति स्टिक से बढ़ाकर ₹11.50 प्रति स्टिक कर दी है।
वहीं ITC ने अपनी प्रमुख ब्रांड्स की कीमतों में भी भारी इजाफा किया है—

  • Gold Flake और Classic (प्रीमियम) की कीमतों में 41% तक की बढ़ोतरी
  • Classic Connect (Slims) की कीमतों में 20% का इजाफा
  • Gold Flake Superstar (Value) की कीमतों में करीब 19% की बढ़ोतरी

कर बढ़ोतरी के बाद दबाव में थे सिगरेट शेयर

साल की शुरुआत से ही सिगरेट कंपनियों के शेयरों पर तेज बिकवाली का दबाव बना हुआ था। इसकी वजह सरकार द्वारा नई एक्साइज ड्यूटी को लेकर जारी अधिसूचना थी। यह कदम केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 के पारित होने के बाद उठाया गया, जिसके तहत पहले की अस्थायी लेवी को हटाकर एक औपचारिक एक्साइज ढांचा लागू किया गया।

1 फरवरी 2026 से प्रभावी, सरकार ने सिगरेट पर कर बढ़ा दिए। इसके तहत

  • 40% GST लगाया गया
  • साथ ही, सिगरेट की लंबाई के आधार पर ₹2,050 से ₹8,500 प्रति 1,000 स्टिक तक की नई और ऊंची एक्साइज ड्यूटी लागू की गई

यह नई व्यवस्था पहले के 28% GST और मुआवजा उपकर (Compensation Cess) की जगह लाई गई है, जिसका उद्देश्य सिगरेट की खपत को कम करना है। इन बदलावों के चलते सिगरेट की खुदरा कीमतों में 15% से 40% प्रति पैक तक की बढ़ोतरी हुई है।

विशेषज्ञों की राय

Geojit Investments के रिसर्च प्रमुख Vinod Nair ने कहा कि सिगरेट कंपनियों द्वारा निर्णायक रूप से कीमतें बढ़ाने के बाद शेयरों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है।
उनका कहना है कि पिछले महीने आई तेज गिरावट मुख्य रूप से ड्यूटी बढ़ोतरी की वजह से थी, जिसके कारण पूरे सेक्टर में बिकवाली देखी गई। अब जब कीमतों में संशोधन हो चुका है, तो निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव अपेक्षाकृत काबू में नजर आता है।

विनोद नायर ने आगे कहा, दिसंबर तिमाही के नतीजे बताते हैं कि पहले दिखी कमजोरी किसी संरचनात्मक मांग में गिरावट की वजह से नहीं, बल्कि करों से जुड़ी थी। हालांकि ऊंची खुदरा कीमतें कुछ समय के लिए वॉल्यूम पर असर डाल सकती हैं, लेकिन सिगरेट कंपनियों ने ऐतिहासिक रूप से मजबूत प्राइसिंग पावर दिखाई है, जिससे वे ऊंचे करों के बावजूद मुनाफा बचाने में सफल रही हैं। हालिया वैल्यूएशन करेक्शन निवेशकों के लिए चुनिंदा अवसर पेश कर सकता है, खासकर उन कंपनियों में जो संतुलित मूल्य बढ़ोतरी के जरिए मार्जिन और कमाई बनाए रख सकती हैं।”

UBS का ITC पर बुलिश रुख

इस बीच, वैश्विक ब्रोकरेज फर्म UBS ने ITC के शेयरों पर बुलिश रुख अपनाया है। UBS का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद ITC का वैल्यूएशन अब आकर्षक नजर आ रहा है।
ब्रोकरेज ने ITC पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि उसने इसका टारगेट प्राइस ₹420 से घटाकर ₹395 प्रति शेयर कर दिया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।