‘मैं भी उग्रवादी बन जाऊंगा’: वक्फ पर टिप्पणी को लेकर टीएमसी नेता के बयान से विवाद
तृणमूल कांग्रेस के बंगाली माइनॉरिटी इंटेलेक्चुअल फोरम के अध्यक्ष वाजेदुल हक ने वक्फ मुद्दे पर दिए अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वक्फ की रक्षा के लिए यदि उन्हें उग्र रुख अपनाना पड़े, तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगे..
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के बंगाली माइनॉरिटी इंटेलेक्चुअल फोरम के अध्यक्ष वाजेदुल हक ने वक्फ मुद्दे पर दिए अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वक्फ की रक्षा के लिए यदि उन्हें उग्र रुख अपनाना पड़े, तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।
इस मुद्दे पर बोलते हुए हक ने कहा कि अगर वक्फ को बचाने के लिए कट्टर बनना जरूरी हुआ, तो वह ऐसा करेंगे और लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर वक्फ की रक्षा के लिए उग्रवादी या मिलिटेंट बनना पड़े, तो वह भी मिलिटेंट बन जाएंगे।
उन्होंने कहा, “अगर वक्फ की रक्षा के लिए उग्रवादी बनना जरूरी है, तो मैं भी उग्रवादी बनूंगा और लड़ूंगा।”
वक्फ मुद्दे पर टीएमसी नेता की इन विवादास्पद टिप्पणियों पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में वीएचपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस मुसलमानों को हिंसा के लिए उकसा रही है।
प्रवक्ता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इन बयानों पर जवाब देने की मांग की।
बंसल ने ‘एक्स’ पर लिखा, “खुद देखिए… यह टीएमसी नेता क्या कह रहा है… ‘अगर वक्फ की रक्षा के लिए मिलिटेंट बनना पड़े, तो मैं भी मिलिटेंट बनूंगा और लड़ूंगा।’ यह कोई और नहीं बल्कि वाजेदुल हक हैं, जो तृणमूल कांग्रेस के बंगाली माइनॉरिटी इंटेलेक्चुअल फोरम के अध्यक्ष हैं। क्या तृणमूल अब मुसलमानों को हिंसा और आतंकवाद के लिए उकसा रही है??? मुख्यमंत्री @MamataOfficial कृपया इस पर जवाब दें।”
See yourself...
What this TMC leader is saying...
"If one has to become a militant to protect Waqf, then I will become a militant too and fight"
He is non other than Wajedul Haque, the President of Bengali Minority Intellectual Forum of Trinamool Congress.
Trinamool is now… pic.twitter.com/tT5jhZckS4 — विनोद बंसल Vinod Bansal বিনোদ বনসল వినోద్ బన్సాల్ (@vinod_bansal) December 22, 2025
इससे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र के वक्फ संशोधन अधिनियम को लागू करने पर सहमति जताई थी, जिसे केंद्र और राज्य के बीच लंबे समय से चल रहे टकराव में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
यह फैसला वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे सुधारों को लेकर केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत और दबाव के बाद लिया गया है।
इस कदम से राज्य भर में हजारों वक्फ संपत्तियों पर असर पड़ने की उम्मीद है और इस कानून को लेकर समर्थकों और विरोधियों—दोनों की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
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