अब साल में दो बार होगा ग्रेजुएशन और पीजी का एडमिशन, यूजीसी का नया आदेश
उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें साल में दो बार एडमिशन लेने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत यह नई व्यवस्था 2025-26 के शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया हर साल दो बार आयोजित की जाएगी।
नयी दिल्ली। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें साल में दो बार एडमिशन लेने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत यह नई व्यवस्था 2025-26 के शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया हर साल दो बार आयोजित की जाएगी।
छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन छात्रों को फायदा पहुंचाना है, जो किसी कारणवश पहले दौर में दाखिला नहीं ले पाते थे। पहले छात्रों को सिर्फ एक ही बार दाखिले का अवसर मिलता था, लेकिन अब वे दूसरी बार भी आवेदन कर सकते हैं। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और तकनीकी या व्यक्तिगत समस्याओं के कारण एडमिशन से वंचित रह जाने वाले छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
री-अपीयर छात्रों को भी लाभ
ऐसे छात्र, जिनकी पहले री-अपीयर थी और वे दाखिला नहीं ले सके, अब परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने पर दूसरे चरण में एडमिशन ले सकेंगे। पहले इन्हें पूरे साल इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह विकल्प उनकी पढ़ाई को समय पर पूरा करने में मदद करेगा।
छात्र हित में है नई शिक्षा नीति
गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश कुमार ने बताया कि यह नई शिक्षा नीति छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में आने वाली बाधाओं को खत्म करना और छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के कॉलेजों में एनईपी को लागू किया जा चुका है, और आने वाले नए सत्र में इससे संबंधित अन्य बदलाव भी देखने को मिलेंगे।
यह कदम न केवल छात्रों के लिए लाभदायक होगा, बल्कि शिक्षा प्रणाली को और अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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