मुस्कुराते, गुदगुदाते..अलविदा कह रुला गये राजू श्रीवास्तव..!

मुस्कुराते, गुदगुदाते..अलविदा कह रुला गये राजू श्रीवास्तव..!
21-09-2022 - 01:58 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

उनके दिल में दर्द पलता था पर जिंदगी का एक ही फलसफा था कि मुस्कुराते रहो..और दौड़ते रहो। सत्य प्रकाश श्रीवास्तव यानी दुनिया के लिए राजू श्रीवास्तव के नाम से मशहूर यह शख्स दौड़ ही तो रहा था 10 अगस्त को ट्रेड मिल पर। दौड़ते-दौड़ते उन्हें उन्हें दिल का दौरा प़ड़ा और दौड़ कुछ समय के लिए थम गई। दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, इलाज शुरू हुआ और दुनिया भर से उनके शीघ्र से शीघ्र स्वस्थ होने और फिर से हंसने-हंसाने का सिलसिला शुरू किये जाने के लिए प्रार्थनाओं होने लगीं।   

राजू श्रीवास्तव का परिवार अस्पताल में उनकी सांसों के संघर्ष का कहानी बयां करता रहा और उनके स्वस्थ होने की संभानवाएं जताता रहा। राजू के प्रशंसकों को भी लगने लगा था कि जिस तरह बीते 10 दो बार एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद राजू फिर से लोगों को हंसाने लगे थे, इस बार भी एंजियोप्लास्टी के बाद वो अपनी आंखें खोलेंगे और फिर से लोगों को गुदगुदाएंगे। लेकिन, ईश्वर के सामने प्रार्थनाओं का कोई असर नहीं हुआ और राजू अस्पताल में संघर्ष करते-करते थक गये। बुधवार, 21 सितंबर को उन्होंने संसार को उन्होंने अलविदा कह दिया।

उल्लेखनीय है कि कानपुर के रहने वाले राजू श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार 22 सितंबर को सुबह दिल्ली में ही किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़ी नेताओं, अभिनेताओं और प्रमुख हस्तियों ने राजू के निधन पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजू ने हंसी, हास्य और सकारात्मकता के साथ हमारे जीवन को रोशन किया।

शुरुआत में सत्यप्रकाश और बाद में एक किरदार गजोधर भइया को निभाते-निभाते इसी नाम से मशहूर हुए राजू श्रीवास्तव का जन्म कानपुर के नयापुरवा में 25 दिसंबर 1963 को हुआ था। यहां पर बेहद गरीबी में पले राजू को अमिताभ बच्चन की फिल्में बेहद पसंद आती थीं और दीवार फिल्म देखने के बाद यहीं से उनके मन में हीरो बनने का सपना पला। आखिरकार, वे 1980 में मुंबई पहुंच गये और यहां से फिल्मों के लिए उन्होंने संघर्ष शुरू किया। उन्होंने कुल 16 फिल्मों और 14 टीवी शो में काम किया था।

राजू श्रीवास्वस्तव ने 1993 में कॉमेडी की दुनिया में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2014 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें लोकसभा के लिए कानपुर से टिकट दिया था लेकिन उन्होंने यह वापस कर दिया था। राजू ने मार्च 2014 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।

राजू के पीआरओ गर्वित नारंग के अनुसार श्रीवास्तव दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा से मुलाकात करने के लिए आये थे। उनकी मुलाकात का समय तय था और वे यहां एक होटल में रुके थे। बुधवार 10 अगस्त को सुबह वे जिम के लिए गये थे और यहीं पर ट्रेड मिल पर दौड़ते-दौड़ते उन्हें हार्ट अटैक आया। उसी दिन शाम को डॉक्टरों ने उनकी एंजियोप्लास्टी की, लेकिन उनका ब्रेन रिस्पांड नहीं कर रहा था और पल्स भी नीचे ही जा रही थी।

पिछले 42 दिनों से राजू श्रीवास्तव कोमा की स्थिति में थे। ब्रेन में ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही थी। उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया लेकिन कोई उपाय काम नहीं आया। आखिरकार 58 बरस की उम्र में,  21 सितंबर 2022 की सुबह करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने संघर्ष छोड़ दिया।  

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।