हिमाचल में बादल फटने और बाढ़ से तबाही: 2 की मौत, 20 लापता, 5 जिलों में अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं के चलते अचानक आई बाढ़ ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार को पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई..
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं के चलते अचानक आई बाढ़ ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार को पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग लापता हैं।
कांगड़ा जिले के मणूणी खड्ड से दो शव बरामद किए गए हैं, जबकि इंदिरा प्रियदर्शिनी हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना स्थल के पास स्थित एक श्रमिक कॉलोनी से करीब 15-20 मजदूरों के बह जाने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना कार्य बारिश के कारण रोक दिया गया था और मजदूर अस्थायी शिविरों में आराम कर रहे थे। मणूणी खड्ड और आस-पास की नालियों का बाढ़ का पानी श्रमिक कॉलोनी की ओर मुड़ गया, जिससे मजदूर बह गए।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव एवं खोज अभियान जारी है।
धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि इस घटना में लगभग 20 मजदूर बह गए हैं।
कुल्लू और मनाली में भारी नुकसान
कुल्लू और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से कई मकानों, एक स्कूल भवन, दुकानों, संपर्क सड़कों और छोटे पुलों को नुकसान पहुंचा है। कुल्लू से तीन लोगों के लापता होने की भी खबर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जीवा नाला और रेहला बिहाल (सैंज क्षेत्र) तथा गड़सा इलाके के शिलागढ़ में तीन बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तीन लोग जो अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश कर रहे थे, बाढ़ में बह गए और लापता हैं।
कुल्लू के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) अश्वनी कुमार ने बताया कि मनाली और बंजार क्षेत्र में बाढ़ ने संपत्तियों और ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया है और खोज अभियान जारी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य इलाकों में स्थिति
मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। ब्यास नदी के किनारे बहाव तेज होने से हाईवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि यातायात अब भी जारी है।
कुल्लू के अलग-अलग हिस्सों से आई वीडियो क्लिप्स में भारी तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में एक वाहन को कीचड़ भरे पानी में बहते हुए देखा जा सकता है।
बंजार उपमंडल के हॉर्नागढ़ क्षेत्र में एक पुल बह गया, एक सरकारी स्कूल के परिसर में पानी घुस गया, कृषि भूमि और एक गौशाला को नुकसान हुआ।
बंजार विधायक सुरिंदर शौरी ने कहा, “सुबह से भारी बारिश हो रही है। मुझे कई कॉल्स आए कि सैंज, तीर्थन और गड़सा क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि नदियों और नालों से दूर रहें। मैंने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।”
नदियों का बढ़ता जलस्तर और मौसम विभाग की चेतावनी
ब्यास और सतलुज नदियों के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
मौसम विभाग ने हिमाचल के 5 जिलों – चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में गुरुवार शाम तक हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा बताया है।
इसके साथ ही 29 जून तक अगले चार दिनों में चार से सात जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
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