रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SCO समिट में पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा उठाया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो इस समय चीन के क़िंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, ने गुरुवार को भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया..
नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो इस समय चीन के क़िंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, ने गुरुवार को भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने SCO मंच पर कहा, “22 अप्रैल 2025 को, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' नामक आतंकी संगठन ने निर्दोष पर्यटकों पर घातक और क्रूर हमला किया। इस हमले में 26 नागरिकों की जान गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। पीड़ितों को धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाकर गोली मारी गई।
'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही प्रॉक्सी संगठन है।”
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील
राजनाथ सिंह ने कहा कि शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी आज क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, “शांति और समृद्धि आतंकवाद के साथ सह-अस्तित्व में नहीं रह सकतीं, खासकर जब नॉन-स्टेट एक्टर्स और आतंकी संगठनों के हाथों में सामूहिक विनाश के हथियार (WMDs) हों।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें निर्णायक कार्रवाई करनी होगी और एकजुट होकर इन बुराइयों के खिलाफ लड़ना होगा, तभी हमारी सामूहिक सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित हो सकेगा।”
ऑपरेशन सिंदूर का परोक्ष उल्लेख
हालांकि सिंह ने सीधे तौर पर भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि भारत आतंक के खिलाफ निर्णायक और ठोस रुख अपना रहा है। इस अभियान में भारत ने आतंकी लॉन्च पैड्स और प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी हुई थी।
SCO बैठक और पाकिस्तान की उपस्थिति
राजनाथ सिंह गुरुवार को क़िंगदाओ (चीन) पहुंचे जहाँ उन्होंने SCO के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। उनके बाद, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी उसी दिन बैठक स्थल पर पहुंचे।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) – जिसमें भारत, चीन, रूस और मध्य एशिया के कई देश शामिल हैं – क्षेत्रीय स्थायित्व, सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।
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