मेघालय खदान विस्फोट: अवैध कोयला खदान में धमाके से 16 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे; प्रधानमंत्री ने ₹2 लाख अनुग्रह राशि की घोषणा की
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगसू इलाके में एक अवैध ‘रैट-होल’ कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के अब भी खदान के अंदर फंसे होने की आशंका..
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगसू इलाके में एक अवैध ‘रैट-होल’ कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के अब भी खदान के अंदर फंसे होने की आशंका है। फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
मेघालय के पुलिस महानिदेशक (DGP) आई. नोंगरांग ने कहा, “अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद मजदूरों की सटीक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। आशंका है कि और भी लोग अंदर फंसे हो सकते हैं।”
प्रधानमंत्री कार्यालय ने जताया शोक, ₹2 लाख अनुग्रह राशि की घोषणा
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। PMO ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही घोषणा की गई कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
अवैध खनन के दौरान हुआ विस्फोट
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह विस्फोट कोयला खनन गतिविधियों के दौरान हुआ, जिन्हें पुलिस ने “अवैध” करार दिया है। पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार ने बताया कि संबंधित स्थल पर खनन कार्य गैरकानूनी रूप से किया जा रहा था।
मेघालय में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वर्ष 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। NGT ने अपने आदेश में पर्यावरण को हो रहे नुकसान और खदानों में काम करने वाले मजदूरों की जान को खतरे का हवाला दिया था।
ट्रिब्यूनल ने इस तरह के खनन से निकाले गए कोयले के परिवहन पर भी रोक लगा दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए केवल वैज्ञानिक और नियंत्रित प्रक्रियाओं तथा पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के तहत ही खनन की अनुमति दी।
रैट-होल खनन क्या है?
रैट-होल खनन एक खतरनाक और अवैज्ञानिक पद्धति है, जिसमें मजदूरों के लिए 3 से 4 फीट ऊंची संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं ताकि वे अंदर जाकर कोयला निकाल सकें। ये क्षैतिज सुरंगें इतनी संकरी होती हैं कि इनमें मुश्किल से एक व्यक्ति ही समा पाता है, इसी कारण इन्हें “रैट-होल” (चूहे के बिल जैसी सुरंगें) कहा जाता है।
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