जयपुर में आयोजित होगी 58वीं डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस, पीएम मोदी और शाह करेंगे शिरकत
<p><em><strong>ऑल इंडिया डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन आगामी साल में जयपुर में होने जा रहा है। 5 से 7 जनवरी तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित देशभर के पुलिस अधिकारी हिस्सा लेंगे।</strong></em></p>
देश में हर साल आयोजित होने वाली डीजीपी कॉन्फ्रेंस की मेजबानी इस बार राजस्थान करने जा रहा है। जयपुर में आयोजित होने वाली 58वीं ऑल इंडिया डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में देशभर के डीजीपी हिस्सा लेंगे। राजस्थान में भजनलाल सरकार बनने के बाद प्रदेश में यह पहला बड़ा आयोजन होने जा रहा है।
5 जनवरी से 7 जनवरी तक चलने वाली यह कॉन्फ्रेंस राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में होगी। कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी सहित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिरकत करेंगे। इनके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल होंगे।
तीन दिन तक जयपुर रुकेंगे शाह
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संगठन की अहम बैठक में हिस्सा लेने जयपुर आ रहे हैं। अमित शाह का जयपुर में 3 दिन रुकने का कार्यक्रम है। इस दौरान वे प्रधानमंत्री के साथ डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहेंगे।
एयरपोर्ट से आरआईसी तक सड़कें चमाचम
पुलिस अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक को लेकर सीएम भजनलाल की निगरानी में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जयपुर एयरपोर्ट से लेकर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के रूट की सड़कों को चमकाया जा रहा है।
6 जनवरी को आएंगे पीएम मोदी
गृहमंत्री अमित शाह 5 जनवरी को कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। जबकि प्रधानमंत्री मोदी 6 जनवरी को जयपुर पहुंचेंगे। पीएम 6 जनवरी को जयपुर में ही राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे और उसके अगले दिन यानि 7 जनवरी को कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा कॉन्फ्रेंस में आने वाले अधिकतर मेहमानों के रुकने की व्यवस्था हाउसिंग बोर्ड की ओर से तैयार नवनिर्मित विधायक आवास के फ्लैट्स में की जाएगी। साथ ही, क्लब हाउस में बने गेस्ट रूम भी रिजर्व किए गए हैं।
विभिन्न मुद्दों पर होगा विचार-विमर्श
उल्लेखनीय है कि 5 से 7 जनवरी तक आयोजित होने वाली कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के डीजीपी समेत केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे। उनके साथ ही के केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के कई अधिकारी भी इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इनमें साइबर अपराध, डेटा गवर्नेंस, आतंकवाद विरोधी चुनौतियों, वामपंथी उग्रवाद, नारकोटिक्स तस्करी में उभरते रुझान और जेल सुधार सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
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