धनबाद के हाजरा हॉस्पिटल में लगी भीषण आग में डॉक्टर दंपति समेत 6 की दर्दनाक मौत
<p><em>झारखंड के धनबाद स्थित हाजरा अस्पताल में शुक्रवार रात अस्पताल के एक मंजिल में शार्ट सर्किट के कारC आग लगी और धीरे -धीरे अस्पताल की पहली मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। इसलिए अस्पताल के अन्य हिस्सों में लोग प्रभावित हुए। हादसे के वक्त ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग लगने से 2 डॉक्टर (पति-पत्नी) समेत 6 लोगों की मौत हो गई। इस बड़े हादसे में डॉक्टर दंपती विकास हाजरा और डॉक्टर प्रेमा हाजरा की मौत हो गई। </em></p>
आग पर काबू पाने के लिए बाथरूम के टब और पानी का इस्तेमाल किया गया, लेकिन आग इतनी भीषण थी और कमरे में इतना धुआं था कि जान बचाना मुश्किल हो गया। इस घटना पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा, “चिकित्सक दंपत्ति डॉ. विकास और डॉ. प्रेमा हाजरा समेत 6 लोगों की मौत से दिल टूट गया। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति एवं शोक संतप्त परिवारों को इस दु:ख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
मौके पर पहुंचीं दमकलों ने बचायी जानें
आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली तो दमकल विभाग की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने अस्पताल के दोनों तरफ से कुल 9 लोगों को बचाया। इन सभी को पास के पाटलिपुत्र नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है, जहां इनका इलाज चल रहा है। इस घटना के संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग लगने के दौरान गैस से भरे सिलेंडर को किचन से सकुशल निकाल लिया गया, नहीं तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
अस्पताल में नहीं थी अग्निशमन की व्यवस्था
बैंकों के निरीक्षक, थाना प्रभारी पी.के. सिंह व डीएसपी विधि व्यवस्था अरविंद कुमार बिन्हा ने मोर्चा संभाला। प्रशासन ने सुरक्षा सावधानियों को ध्यान में रखते हुए बाहरी लोगों के ऊपर जाने पर रोक लगा दी है। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल में आग से बचाव के लिए कोई खास सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। यहां एंटी फायर मशीनें भी सक्रिय नहीं थीं, लिहाजा घटना का कारण सुरक्षा में लापरवाही मानी जा सकती है।
हो सकता था और बड़ा हादसा
लिहाजा आसपास के लोग इस हादसे से काफी डरे, दुखी और चिंतित हैं। अस्पताल के ठीक बगल में 15-16 मंजिल का एक बड़ा अपार्टमेंट (एम्पायर, हार्मनी) भी है। आग बगल की बिल्डिंग तक पहुंच सकती थी लेकिन बड़े-बड़े टावर वाले घरों में भी हादसे को रोकने के लिए कोई खास तंत्र नहीं था।
गरीबों की मसीहा थीं प्रेमा हाजरा
मरीजों के कुछ परिजन भी थे, जिन्हें डॉ. प्रेमा हाजरा और उनके पति डॉ. विकास हाजरा की मौत की खबर सुनकर वह अस्पताल पहुंचे। कोलकाता से आए परिवार के सदस्यों में से एक ने भावुक होकर अपनी व्यथा सुनाई कि प्रेमा हाजरा गरीबों की मसीहा थीं। उन्होंने सभी की परवाह की, उनके जाने से गरीब मरीजों को काफी नुकसान हुआ है।
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