सेंसर बोर्ड के रिजेक्शन के बाद डिजिटल प्लेटफार्म पर रिलीज़ किया गया ' 72 हूरें ' का ट्रेलर
<p>केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म ‘72 हूरें’ के ट्रेलर के कुछ सीनों को आपत्तिजनक मानकर रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद भी मेकर्स पीछे नहीं हटे और उन्होंने इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर दिया है। आइये बताते हैं क्या है पूरा विवाद</p>
'72 हूरें' का ट्रेलर रिलीज
फिल्म "72 हूरें " का ट्रेलर आतंकवाद की काली दुनिया के सच को उजागर करता दिखाया गया है ।ट्रेलर के अनुसार ,आतंकवादी पहले लोगों का ब्रेनवॉश करते हैं।इसके बाद वो उन्हें मासूमों लोगों की जान लेने पर मजबूर करते हैं।आतंकवादियों का मानना है कि जो इंसान अपनी जान कुर्बान करके लोगों की जिंदगी तबाह करता है, खुदा उन्हें जन्नत में ७२ हूरें मय्यसर कराते हैं।
ट्रेलर को लेकर ये है विवाद
सेंसर बोर्ड के अनुसार , वो दर्शकों की संवेदनाओं का ख्याल रखते हैं। इसलिए ट्रेलर को ग्रीन सिग्नल नहीं दे सकते। वहीं फिल्म के सहनिर्माता अशोक पंडित ने सेंसर बोर्ड को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन पर कई बड़े आरोप लगाए हैं।
सेंसर को '72 हूरें' से किस बात की दिक्कत?
मीडिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक पंडित ने कहा, 'एक चीज समझना बहुत जरूरी है। फिल्म का सेंसर अलग होगा है और ट्रेलर का सेंसर अलग होता है। ये तो मुझे टेक्निशियन से पूछना पड़ेगा।फिल्म का सेंसर तो मेरे पास है।तब जाकर हमें ये अवॉर्ड्स मिले हैं।अब ट्रेलर जो आपने देखा, उसमें एक पैर का शॉट है, जो ट्रेलर से निकाला गया है। उन्होंने बोला ये निकालने के लिए...जो लास्ट का सिक्वेंस है। लेकिन विडंबना देखिए वो शॉट, फिल्म में भी है।जो फिल्म में ओके है। आप उसे सेंसर सर्टिफिकेट दे चुके हो।पर ट्रेलर से निकालना है। ये जो गलतफहमी है, ये हम सवाल कर रहे हैं।'
'दूसरा उन्होंने बोला कुरान का एक शब्द है, उसे निकालिए। वो फिल्म में भी है। वो एक पूरा डायलॉग है, सुन लीजिए। मैं आज और एक बहुत जरूरी चीज बोलना चाहता हूं। वो ये कि ये फिल्म किसी भी रिलीजन, किसी भी धर्म, किसी भी इंसानियत के खिलाफ नहीं है।ये फिल्म सामान्यवाद से जूझ रही है।लास्ट मोमेंट पर हम अपना ट्रेलर लॉन्च कर रहे हैं।तो जो सीन्स, जो डायलॉग्स आपको फिल्म में मंजूर हैं, वो ट्रेलर में क्यों नहीं।आज जब हम इसे रिलीज करने जा रहे हैं, तो आपको आपत्ति हो रही है।'
अशोक पंडित ने की जांच की मांग
फिल्म मेकर्स का कहना है कि वो मामले में हायर अथॉरिटीज से मदद मांगेंगे।अशोक पंडित ने कहा कि 'मैं आईबी मिनिस्टर अनुराग ठाकुर से निवेदन करना चाहता हूं कि वो इसकी जांच करें ।क्या कारण है कि नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म के ट्रेलर को सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। कौन हैं वो लोग जो सेंसर बोर्ड को बदनाम कर रहे हैं।मुझे उम्मीद है कि हमें इंसाफ मिलेगा।'
टीजर पर नहीं हुआ था विवाद
ट्रेलर से पहले फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था, जिसमें हाफिज सईद, ओसामा बिन लादेन, मसूद अजहर और याकूब मेनन जैसे आतंकवादियों की बैकग्राउंड में आवाज़ को इस्तेमाल किया गया था, जिसमें दिखाया गया कि आतंकी नौजवानों को 72 हूरों का लालच देकर उन्हें जिहाद करने पर मजबूर करते हैं।
रियल कहानी पर आधारित है फिल्म
फिल्म की कहानी रियल घटनाओं पर आधारित है।कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया कि फिल्म काफी हद तक ‘द केरला स्टोरी’ जैसी है।फिल्म उन युवाओं की कहानी है, जिनका ब्रेनवॉश करके उन्हें सुसाइड बाॅम्बर बनाया जाता है।
इस दिन रिलीज होगी फिल्म
‘72 हूरें’ में मुख्य भूमिकाओं में पवन मल्होत्रा, आमिर बशिर, राशिद नाज, अशोक पाठक लीड रोल में हैं।फिल्म 7 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीते चुके पूरन सिंह चौहान ने किया है।फिल्म का निर्माण गुलाब सिंह तंवर ने किया है।वहीं सह-निर्माता अनिरुद्ध तंवर, किरण डागर और अशोक पंडित हैं।
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