एआर रहमान पर ‘रोज़ा’ के गीत की नकल का आरोप.. यानी के 1989 के ट्रैक से समानता का दावा
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान इन दिनों अपने कथित ‘सांप्रदायिक’ बयान को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और आरोप ने उन्हें घेर लिया..
मुंबई। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान इन दिनों अपने कथित ‘सांप्रदायिक’ बयान को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और आरोप ने उन्हें घेर लिया है।
इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया है कि एआर रहमान ने अपनी मशहूर रचना ‘पुधु वेल्लै मझई’ (1992 की फिल्म रोज़ा) के लिए एक हॉलीवुड एल्बम की धुन की नकल की है।
सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, रोज़ा फिल्म का यह गीत यानि (Yanni) के 1989 में रिलीज़ हुए ट्रैक ‘क्वायट मैन’ से काफी मिलता-जुलता है। रहमान का यह तमिल गीत रिलीज़ के समय भारत में जबरदस्त हिट रहा था और आज इसे एक क्लासिक माना जाता है। हालांकि, इस आरोप के बाद कई प्रशंसकों की राय बदलती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने कथित नकल को लेकर रहमान की आलोचना की।
एक यूज़र ने लिखा, “लोग दशकों बाद अब क्यों जाग रहे हैं? हम उन्हें एक महान उस्ताद मानते थे।” दूसरे ने टिप्पणी की, “माइकल जैक्सन का बैड एल्बम और एआर रहमान की जीन्स भी देखिए।”
एक अन्य यूज़र ने लिखा, “इंटरनेट आम होने के बाद सबको पता चल गया कि वह हमेशा से कॉपी करते आए हैं।”
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब एआर रहमान पर किसी गीत की नकल का आरोप लगा हो। हाल ही में फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने भी रहमान पर गंभीर आरोप लगाए थे।
राम गोपाल वर्मा ने दावा किया था कि ऑस्कर विजेता गीत ‘जय हो’ वास्तव में ए.आर. रहमान द्वारा कम्पोज़ नहीं किया गया था।
सोशल मीडिया पर वायरल एक पुराने वीडियो में राम गोपाल वर्मा यह कहते हुए सुनाई देते हैं, “रहमान सुभाष घई की फिल्म युवराज कर रहे थे और वह हमेशा लेट आते हैं, जिससे परेशानी होती है। उस दिन रहमान एयरपोर्ट से आ रहे थे, सुखविंदर वहां कुछ कर रहे थे। रहमान आए, उन्होंने हेलो कहा और सुभाष घई के सामने ही सुखविंदर से पूछा—‘क्या तुमने इसे कम्पोज़ किया?’ सुखविंदर ने हां कहा और गाना बजाया। रहमान ने कहा कि उन्हें यह पसंद है और पूछा कि क्या सुभाष को भी पसंद है।”
वर्मा के अनुसार, इस पर सुभाष घई नाराज़ हो गए और रहमान पर चिल्लाते हुए बोले, “मैं तुम्हें तीन करोड़ रुपये दे रहा हूं, अगर सुखविंदर से ही काम कराना है तो मुझे तुम्हारी क्या जरूरत है?”
राम गोपाल वर्मा ने आगे बताया कि एआर रहमान शांत बने रहे और उन्होंने अपने नाम और कलात्मक दृष्टि के महत्व पर जोर दिया। इसके बाद वह चेन्नई चले गए, बाद में सुखविंदर से गाना पूरा करने को कहा और जब यह गीत स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए बेचा गया, तो कथित तौर पर उसकी कमाई भी साझा की गई।
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