मोहन भागवत का आह्वान.."सभी हिंदू एक ही मंदिर, पानी व श्मशान साझा करें"
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने जाति-पंथ की दीवारों को तोड़कर हिंदू समाज को एकजुट करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हिंदू समाज के सभी वर्ग, जाति और समुदाय एकजुट हों और सामाजिक भेदभाव खत्म किया जाए।
वाराणसी / लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने जाति-पंथ की दीवारों को तोड़कर हिंदू समाज को एकजुट करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हिंदू समाज के सभी वर्ग, जाति और समुदाय एकजुट हों और सामाजिक भेदभाव खत्म किया जाए।
भागवत ने शुक्रवार को IIT-BHU में आयोजित संघ की 'राजपुताना शाखा' के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा, "हिंदू समाज के सभी लोग एक ही मंदिर, एक ही पानी के स्रोत और एक ही श्मशान भूमि का उपयोग करें। समाज में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।"
मुख्य बातें उनके संबोधन से:
- संघ का लक्ष्य है हिंदू समाज को संगठित और मजबूत बनाना।
- यह कार्य पिछले 100 वर्षों से चल रहा है और संघ की शताब्दी वर्ष में भी जारी रहेगा।
- "हमारे स्वयंसेवकों का आचरण ही लोगों को संघ की ओर आकर्षित करे," भागवत ने कहा।
- युवाओं को हर दिन एक घंटा अपने आत्मविकास के लिए और शेष 23 घंटे समाज की भलाई के लिए देने की प्रेरणा दी।
संस्कृति और परंपराओं की रक्षा पर जोर:
"हमें अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए स्वयं पहल करनी होगी।"
उन्होंने भारतीय संस्कृति और उसके नैतिक मूल्यों को फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
काशी में भागवत की यात्रा:
- शनिवार को मोहन भागवत ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का दौरा किया और भगवान शिव के दर्शन किए।
- उन्होंने काशी के बुद्धिजीवियों से भी अलग से संवाद किया।
- उनके साथ प्रांत सह-संघचालक डॉ. रमेश्वर चौरसिया, क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार, और राज्य प्रचारक रमेश कुमार उपस्थित रहे।
शताब्दी वर्ष की रणनीति:
- "घर-घर संपर्क अभियान" और हिंदू सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
- 5 नवंबर से 30 नवंबर 2025 के बीच संपर्क अभियान चलाया जाएगा जिसमें संघ का परिचय व कार्यों की पुस्तिका घर-घर पहुंचाई जाएगी।
- काशी क्षेत्र में 1.25 लाख नए स्वयंसेवकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
विरोध प्रदर्शन भी हुए: RSS प्रमुख की वाराणसी यात्रा के दौरान NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भागवत का हिंदुत्व प्रेम दिखावटी है क्योंकि उन्होंने महाकुंभ में शिरकत नहीं की।
आगे की यात्रा: काशी के बाद मोहन भागवत पूर्वांचल के अन्य जिलों जैसे गाजीपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र की भी यात्रा करेंगे।
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