SIR विवाद के बीच, संसदीय पैनल ने CEC ज्ञानेश कुमार को 4 दिसंबर को तलब किया
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को 4 दिसंबर को समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए तलब..
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को 4 दिसंबर को समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए तलब किया है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर गठित इस संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्षता पूर्व कानून मंत्री पी. पी. चौधरी कर रहे हैं, जबकि समिति का गठन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में किया गया था।
इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी, संवैधानिक और राजनीतिक स्तर पर कई जटिल मुद्दे सामने आए हैं। समिति ने पिछले कुछ महीनों में इस विषय पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। इन चर्चाओं से कई पेचीदा पहलू उजागर हुए हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि चुनाव आयोग को कितनी और किस प्रकार की शक्तियाँ प्रदान की जानी चाहिए। इसी कारण गुरुवार की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले 25 अगस्त 1965 को संसद की ‘कमेटी ऑन सबऑर्डिनेट लेजिस्लेशन’ ने देश के तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त को तलब किया था। यह इतिहास में पहली बार था जब किसी संसदीय समिति ने मुख्य चुनाव आयुक्त को बुलाया था।
4 दिसंबर को CEC के साथ-साथ चुनाव आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अपने बयान प्रस्तुत करेंगे। उसी दिन 23वें विधि आयोग के सदस्यों को भी समिति ने बुलाया है।
इस मामले पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व कानून मंत्री पीपी चौधरी ने बताया कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर गठित JPC में कुल 39 सदस्य शामिल हैं जिनमें 27 लोकसभा और 12 राज्यसभा के सदस्य हैं।
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