राष्ट्रपति ने जनप्रतिनिधियों को दी सलाह 'आचरण सही रखें ,जनता सब देखती समझती है '
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 'विशेष संबोधन' राजस्थान विधानसभा के लिए इतिहास बन गया ,क्योकि ये पहली बार था जब किसी राष्ट्रपति ने राज्य विधानसभा सत्र के दौरान सदन में अपना उद्बोधन दिया हो।यद्यपि राष्ट्रपति का भाषण सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बना |</p>
विधानसभा पहुंचने पर हुआ स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राज्य विधानसभा परिसर में पहुंचने पर शानदार स्वागत किया गया। राज्यपाल कलराज मिश्र, विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी, संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और प्रमुख सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने राष्ट्रपति को फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चोटिल होने के कारण इस मौके पर शामिल नहीं हुए।
विधानसभा के पूर्व सदस्यों को किया याद
उन्होंने अपने भाषण में राजस्थानी अंदाज में देते हुए कहा कि मान, सम्मान और बलिदान की धोरां री धरती राजस्थान के निवासियों को घणी शुभकामनाएं.<
/p>मैं राजस्थान के समग्र विकास तथा राज्य के सभी निवासियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती हूं। pic.twitter.com/IP7TM8sr15— President of India (@rashtrapatibhvn) July 14, 2023
राष्ट्रपति ने राजस्थान की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि 1952 में राजस्थान विधानसभा का गठन हुआ था तब से लेकर आज तक इस विधानसभा द्वारा 71 वर्षों का गौरवशाली इतिहास रचा गया है। इसके लिए उन्होंने राज्य की प्रबुद्ध जनता, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और सभी विधायकों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति ने विधानसभा में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पूर्व के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और सदस्यों को भी याद किया।
जनता सब देखती समझती है
राष्ट्रपति ने कहा,''मैं सभी माननीय विधायकों से कहना चाहती हूं कि जनता अपने जनप्रतिनिधि से बहुत प्यार करती है कि एक से अधिक बार अपने नेता को वोट की ताकत से विधानसभा में भेजती है.जनता अपने नेता को फॉलो करती है और उनको बहुत मानती है.'' उन्होंने कहा कि आज तकनीक का युग है और घर-घर तक क्या चल रहा है और विधानसभा में विधायक मेरे लिए क्या बोल रहे हैं, वह सब देखते और समझते हैं. इसलिए मैं सभी विधायकों से गुजारिश करना चाहती हूं कि चाल-चलन के साथ-साथ आचार-विचार को जनता की दिशा में, जनता के लिए सोचना चाहिए और केवल मैं और मेरा की सोच छोड़कर हर काम हमारा होना चाहिए.सिर्फ मैं और मेरा सोचने से राज्य का भला नहीं होगा.
संसद में राजस्थान की भूमिका का ज़िक्र
राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्यसभा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ और लोकसभा में ओम बिरला की भूमिका का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये गौरव की बात है कि राजस्थान विधानसभा से निकले विधायक आज संसद की दोनों सदनों की अध्यक्षता कर रहे हैं।
What's Your Reaction?