आंध्र से बड़ा दांव, तमिलनाडु नहीं: उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के खिलाफ INDI गठबंधन ने दिया नया मोड़
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज सुदर्शन रेड्डी को INDIA गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। यह घोषणा NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के तुरंत बाद की..
नयी दिल्ली। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज सुदर्शन रेड्डी को INDIA गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। यह घोषणा NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के तुरंत बाद की गई।
विपक्ष की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, INDIA गठबंधन का यह फैसला एक “रणनीतिक जवाब” है। विपक्ष ने कहा कि जब NDA ने संघ परिवार से जुड़े एक वरिष्ठ नेता को उम्मीदवार बनाया है, तब वे राजनीति से बाहर की “उच्च विश्वसनीयता वाली शख्सियत” को मैदान में उतार रहे हैं।
- रेड्डी का दक्षिण भारत से होना DMK की मांग पूरी करता है कि उम्मीदवार दक्षिण से होना चाहिए।
- उनका गैर-राजनीतिक (apolitical) बैकग्राउंड TMC की इस शर्त को संतुष्ट करता है कि नामांकन किसी राजनीतिज्ञ का न हो।
- आम आदमी पार्टी समेत पूरे विपक्ष का समर्थन मिलने से उनका नाम “पूर्ण विपक्षी उम्मीदवार” के रूप में प्रोजेक्ट किया गया।
खड़गे का ऐलान – “विचारधाराओं की लड़ाई”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल उपराष्ट्रपति का नहीं बल्कि एक “विचारधारात्मक संघर्ष” है। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल एकजुट हैं क्योंकि “लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में हैं।”
सुदर्शन रेड्डी कौन हैं?
- सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जज रहे और बाद में गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
- वर्ष 2011 में वे सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए।
- विपक्ष उन्हें सामाजिक और राजनीतिक न्याय का समर्थक मानता है। खड़गे ने उन्हें “सोशल और पॉलिटिकल जस्टिस के चैम्पियन” बताया।
रेड्डी की अपील
रेड्डी ने सभी दलों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं NDA समेत सभी पार्टियों से अपील करता हूँ कि मुझे समर्थन दें। मैं 60% भारत की नुमाइंदगी करता हूँ और मुझे पूरा भरोसा है कि विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में देश की असली आवाज़ सामने रखूँगा।”
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