रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति के उद्देश्य से ट्रंप ने भारत पर प्रतिबंध लगायेः कैरोलाइन लेविट
वॉशिंगटन। अमेरिका की व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलाइन लीविट ने बुधवार को दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए भारत पर प्रतिबंध (sanctions) लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रंप का उद्देश्य भारत पर टैरिफ लगाकर रूस पर “दबाव” बनाना और क्रेमलिन को युद्ध जारी..
वॉशिंगटन। अमेरिका की व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलाइन लीविट ने बुधवार को दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए भारत पर प्रतिबंध (sanctions) लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रंप का उद्देश्य भारत पर टैरिफ लगाकर रूस पर “दबाव” बनाना और क्रेमलिन को युद्ध जारी रखने से रोकना है।
व्हाइट हाउस का बयान
कैरोलाइन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राष्ट्रपति ने इस युद्ध को खत्म करने के लिए सार्वजनिक रूप से जबरदस्त दबाव डाला है। उन्होंने कदम उठाए हैं, जिनमें भारत पर लगाए गए प्रतिबंध भी शामिल हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं। यूरोपीय नेताओं और नाटो महासचिव के साथ मुलाकात में भी सबने माना कि यह एक अच्छा पहला कदम है।”
लेविट ने आगे कहा, “आपको भरोसा दिला सकती हूँ कि अमेरिकी प्रशासन रूस और यूक्रेन दोनों के साथ काम कर रहा है ताकि उनकी सीधी वार्ता (bilateral) जल्द हो सके।”
रूस-यूक्रेन शांति पहल
सोमवार को ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी चर्चा की थी।
बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि अब ज़िम्मेदारी जेलेंस्की पर है कि वे कुछ रियायतें दें, ताकि युद्ध समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि वे पुतिन और जेलेंस्की के बीच सीधे संवाद (direct talks) का इंतज़ाम कर रहे हैं।
ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका यूक्रेन को नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी देगा, लेकिन यूक्रेन का नाटो में शामिल होना और रूस से क्रीमिया प्रायद्वीप वापस पाना “असंभव” है।
भारत पर “पेनल्टी”
ट्रंप ने भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। फिलहाल, अमेरिका में आने वाले भारतीय उत्पादों पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है।
ट्रंप ने इस अतिरिक्त शुल्क को भारत के रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाई गई “सज़ा (penalty)” बताया।
भारत ने अमेरिकी टैरिफ को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक” करार दिया और कहा कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगा।
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