भारत ने रोकी एससीओ सदस्यता, ‘पाकिस्तान समर्थन’ का बदला ले रहा है, अज़रबैजान ने लगाया आरोप..!
अज़रबैजान ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सदस्यता लेने के उसके प्रयास को रोक दिया। बाकू का कहना है कि नई दिल्ली वैश्विक मंचों पर “पाकिस्तान का समर्थन करने” का बदला लेने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने यह टिप्पणी सोमवार को एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात के दौरान..
नयी दिल्ली। अज़रबैजान ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सदस्यता लेने के उसके प्रयास को रोक दिया। बाकू का कहना है कि नई दिल्ली वैश्विक मंचों पर “पाकिस्तान का समर्थन करने” का बदला लेने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने यह टिप्पणी सोमवार को एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात के दौरान की। उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान की “भारत पर जीत” की सराहना भी की और इस्लामाबाद को पूरा समर्थन देने की बात दोहराई।
डेली सबाह की रिपोर्ट के अनुसार, अलीयेव ने कहा कि उनका देश पाकिस्तान के साथ संबंधों में “भाईचारे” को प्राथमिकता देता है। अज़रबैजान के कई मीडिया संस्थानों ने भारत पर “बहुपक्षीय कूटनीति के सिद्धांतों का उल्लंघन” करने का आरोप लगाया है। भारत की इस रोक को बाकू द्वारा पाकिस्तान को “ऑपरेशन सिंदूर” में दिए गए समर्थन से जोड़ा जा रहा है।
‘बॉयकॉट अज़रबैजान’ विवाद
हाल के महीनों में अज़रबैजान पाकिस्तान का खुला और जोरदार समर्थक रहा है, जिससे भारत के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए। बाकू ने पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई की आलोचना की थी और बार-बार पाकिस्तान के साथ एकजुटता दिखाई। चार दिन के संघर्ष के दौरान अज़रबैजान सरकार ने शरीफ़ को एक पत्र भी भेजा था, जिसमें इस्लामाबाद के प्रति समर्थन और एकजुटता जताई गई थी।
इस रवैये से भारत में नाराज़गी फैल गई और “अज़रबैजान का बहिष्कार” अभियान शुरू हो गया। प्रमुख भारतीय ट्रैवल कंपनियों जैसे EaseMyTrip ने अज़रबैजान के टूर पैकेज निलंबित कर दिए, जबकि अन्य ने अपनी यात्राएँ रद्द कर दीं। इस बहिष्कार से व्यापार पर भी असर पड़ा और कई कारोबारी समूहों ने अज़रबैजान के साथ लेन-देन रोक दिया।
भारत ने रोका, चीन ने समर्थन दिया
अज़रबैजानी टीवी चैनल AnewZ ने सोमवार को दावा किया कि भारत ने “एक बार फिर” उसकी पूर्ण सदस्यता के आवेदन पर रोक लगा दी। वहीं, चीन ने reportedly अज़रबैजान की सदस्यता का समर्थन दोहराया। हाल ही में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के घोषणा पत्र में एक नया ‘SCO पार्टनर’ दर्जा पेश किया गया, जिसमें पुराने “ऑब्ज़र्वर” और “डायलॉग पार्टनर” श्रेणियों को मिला दिया गया।
भारत के वीटो ने अज़रबैजान की पूर्ण सदस्यता की उम्मीदों को रोक दिया है और अब वह नए दर्जे के तहत ही शामिल रहेगा। हालांकि, अज़रबैजान को चीन और अन्य SCO सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त है और वह क्षेत्रीय सहयोग में अपनी भूमिका को और गहरा करने का प्रयास जारी रखे हुए है।
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