पंजाब: भाखड़ा से पानी छोड़े जाने के बाद हरिके में आवक 3 लाख क्यूसेक से पार, चिंता बढ़ी
भारी बारिश के कहर के बीच भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से सतलुज और ब्यास नदी और अधिक उफान पर हैं। मंगलवार को इन दोनों नदियों के संगम स्थल हरिके हेडवर्क्स पर पानी की आवक 3 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज ..
चंडीगढ़। भारी बारिश के कहर के बीच भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से सतलुज और ब्यास नदी और अधिक उफान पर हैं। मंगलवार को इन दोनों नदियों के संगम स्थल हरिके हेडवर्क्स पर पानी की आवक 3 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज की गई।
सोमवार को भाखड़ा डैम से कुल 1.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। मंगलवार शाम तक जब यह पानी सतलुज से होते हुए रोपड़ हेडवर्क्स से आगे बढ़ा, तो शाम 4 बजे हरिके पर आवक 3,01,221 क्यूसेक तक पहुंच गई, जिसमें से 2,84,350 क्यूसेक पानी नीचे की ओर छोड़ा गया। इसके बावजूद रात 10 बजे तक आवक और बढ़कर 3.18 लाख क्यूसेक तक पहुंच गई।
अधिकारियों ने बताया कि यह स्थिति “हाई फ्लड (HF)” श्रेणी में आती है। इससे तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले के निचले हिस्सों में और दहशत फैल गई है, जहां पहले से ही हजारों एकड़ खेत पानी में डूबे हुए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सतलुज से और पानी आने की संभावना है, जिससे रात भर में जलस्तर और बढ़ सकता है।
तरनतारन के सीमावर्ती क्षेत्र खेमकरण में महांदीपुर गांव के पास धुसी बांध के पार जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसकी वजह हरिके हेडवर्क्स पर तेजी से बढ़ती जलधारा है।
सीमा पार पाकिस्तान के साहिजरा कस्बे और आसपास के गांव भी पानी में डूब गए हैं। साहिजरा ड्रेन का बांध टूटने से पानी सीधे महांदीपुर गांव के बांध की ओर बढ़ गया। सीमावर्ती गांव महांदीपुर और मियांवाला के लोग दिन-रात जुटकर बढ़ते पानी को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
रंजीत सागर डैम का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
इस बीच, रंजीत सागर डैम का जलस्तर भी 524 मीटर तक पहुंच गया है, जो इसकी अधिकतम स्वीकृत सीमा 527 मीटर से केवल तीन मीटर कम है। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने तीन फ्लडगेट खोल दिए, जिससे 42,000 क्यूसेक पानी रावी नदी में छोड़ा गया। इससे गुरदासपुर और अमृतसर जिले के पहले से ही बाढ़ग्रस्त गांवों की स्थिति और खराब हो गई।
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब, विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में हो रही अभूतपूर्व तबाही पर चिंता जताई।
उन्होंने लिखा— “लगातार मूसलाधार बारिश और पहाड़ों से तेज़ पानी आने से निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं और किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।” औजला ने यह भी कहा कि उनकी पहले की गई अपीलों को नज़रअंदाज कर दिया गया।
अमृतसर में मकान की छत गिरने से 12 वर्षीय बच्ची की मौत
मंगलवार को अमृतसर जिले की बाबा बकाला सब-डिवीजन के अंतर्गत सतियाला गांव में भारी बारिश के बीच एक मकान की छत गिरने से 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बहन घायल हो गईं।
मृतका की पहचान रमनजीत कौर के रूप में हुई है। उसके पिता राजविंदर सिंह ने बताया कि हादसे के समय रमनजीत परिवार के साथ घर पर मौजूद थी, तभी अचानक छत गिर गई। हादसे में रमनजीत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बहन घायल हो गईं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय विधायक दलबीर सिंह टोंग अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने परिवार को राज्य सरकार की ओर से हर संभव आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया।
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