डगआउट में फोन इस्तेमाल पर BCCI सख्त, राजस्थान रॉयल्स मैनेजर के जवाब से असंतुष्ट

Board of Control for Cricket in India ने Rajasthan Royals के मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताते हुए..

डगआउट में फोन इस्तेमाल पर BCCI सख्त, राजस्थान रॉयल्स मैनेजर के जवाब से असंतुष्ट
18-04-2026 - 12:18 PM

नयी दिल्ली। Board of Control for Cricket in India ने Rajasthan Royals के मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताते हुए कार्रवाई की है।

बीसीसीआई सचिव Devajit Saikia ने कहा कि बोर्ड और उसकी एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) भिंडर के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।

दरअसल, यह मामला Indian Premier League 2026 के एक मैच के दौरान सामने आया, जब गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में Rajasthan Royals और Royal Challengers Bengaluru के बीच मुकाबले में भिंडर डगआउट में फोन का इस्तेमाल करते हुए देखे गए। उस समय उनके पास खिलाड़ी Vaibhav Sooryavanshi भी बैठे थे और स्क्रीन की ओर देख रहे थे।

नियम क्या कहते हैं?

बीसीसीआई के “मिनिमम स्टैंडर्ड्स फॉर प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA)” के तहत मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर सख्त पाबंदी है। टीम मैनेजर को फोन रखने की अनुमति होती है, लेकिन उसका उपयोग केवल ड्रेसिंग रूम तक सीमित रहता है।

मेडिकल कारण का दिया गया था हवाला

राजस्थान रॉयल्स के अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर बताया था कि भिंडर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण फोन अपने साथ रखते हैं, क्योंकि उन्हें ज्यादा चलने-फिरने में दिक्कत होती है। हालांकि, बीसीसीआई इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ।

जुर्माना और चेतावनी

Devajit Saikia के अनुसार, यह भिंडर की पहली गलती थी इसलिए उन्हें आईपीएल प्रोटोकॉल के तहत 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी भी दी गई है।

यह मामला एक बार फिर आईपीएल में एंटी-करप्शन नियमों और डगआउट अनुशासन को लेकर सख्ती को उजागर करता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।