हरियाणा के मंत्री अनिल विज को बीजेपी का कारण बताओ नोटिस, सीएम नायब सिंह सैनी पर टिप्पणी करने पर कार्रवाई

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार को हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज को कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली पर उनकी लगातार की जा रही टिप्पणियों के चलते जारी किया गया है।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज को बीजेपी का कारण बताओ नोटिस, सीएम नायब सिंह सैनी पर टिप्पणी करने पर कार्रवाई
11-02-2025 - 11:23 AM

चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार को हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज को कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली पर उनकी लगातार की जा रही टिप्पणियों के चलते जारी किया गया है।

बीजेपी हरियाणा अध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने नोटिस में लिखा, "आपने हाल ही में सार्वजनिक रूप से पार्टी (राज्य) अध्यक्ष (बडोली) और मुख्यमंत्री पद के खिलाफ बयान दिए हैं। ये गंभीर आरोप हैं और पार्टी की नीति व आंतरिक अनुशासन के खिलाफ हैं।"

बडोली ने कहा कि यह नोटिस बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर जारी किया गया है।

नोटिस में विज से तीन दिनों के भीतर इस पर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसमें आगे लिखा गया, "आपकी यह कार्रवाई न केवल पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है, बल्कि ऐसे समय में आई है जब पार्टी पड़ोसी राज्य (दिल्ली) में चुनाव प्रचार कर रही है। चुनावी माहौल में एक मंत्री पद पर रहते हुए आपने ऐसे बयान दिए हैं, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान हो सकता है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"

अनिल विज लगातार सीएम सैनी पर साध रहे हैं निशाना

71 वर्षीय अनिल विज, जो अंबाला छावनी से सात बार विधायक रह चुके हैं, लगातार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते आ रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री सैनी ने इस विवाद को तूल न देते हुए कहा कि विज नाराज नहीं हैं और एक वरिष्ठ नेता होने के नाते उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है।

पिछले सप्ताह विज ने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि सैनी के एक "मित्र" के साथ दिख रहे कुछ लोग उन्हीं कार्यकर्ताओं में से हैं जो 2024 के विधानसभा चुनावों में एक निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में थे, जिसे उन्होंने हराया था।

विज ने अक्टूबर 2024 में अंबाला छावनी सीट से जीत दर्ज की थी और निर्दलीय उम्मीदवार चित्रा सारवां को हराकर सातवीं बार विधायक बने थे।

विज की नाराजगी और विवादित बयान

31 जनवरी को विज ने कहा कि उन्हें चुनाव के दौरान हराने की कोशिश करने वाले अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उन्होंने इस मुद्दे को 100 दिन पहले सार्वजनिक रूप से उठाया था।

30 जनवरी को विज ने अधिकारियों पर उनकी बात न मानने को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि यदि उनकी अंबाला छावनी के लोगों की समस्याओं को हल नहीं किया गया, तो वे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तरह आमरण अनशन पर बैठने के लिए तैयार हैं।

इसके अलावा, विज ने मुख्यमंत्री सैनी पर कटाक्ष करते हुए कहा था, "जब से उन्होंने पद संभाला है, वह 'उड़न खटोला' (हेलीकॉप्टर) पर ही हैं। अगर वे नीचे उतरेंगे, तो जनता की तकलीफें दिखेंगी।"

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली पर भी साधा निशाना

इससे पहले, विज ने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बडोली के खिलाफ भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बडोली को तब तक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए जब तक हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में उन्हें निर्दोष साबित नहीं किया जाता।

हाल ही में बडोली और गायक रॉकी मित्तल पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला सहित छह लोगों के खिलाफ जबरन वसूली और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अदालत में एक 'रद्दीकरण रिपोर्ट' दाखिल कर दी, जिसमें कहा गया कि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं पाई गई और पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

बीजेपी सरकार के साथ विज की पुरानी तनातनी

अनिल विज की पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी अक्सर अनबन रही थी। 2014 में जब बीजेपी पहली बार अपने बलबूते हरियाणा में सत्ता में आई थी, तब विज मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल थे, लेकिन पार्टी ने पहली बार विधायक बने खट्टर को चुना।

मार्च 2024 में जब खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया, तब विज ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि उन्हें इस फैसले की जानकारी आखिरी वक्त में पार्टी विधायकों की बैठक में मिली।

सितंबर 2024 में, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, विज ने यहां तक कहा था कि यदि बीजेपी सत्ता में आई तो वह खुद मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करेंगे।

बीजेपी के नोटिस के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अनिल विज पार्टी नेतृत्व को क्या जवाब देते हैं और क्या उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।