भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी को “भारतीय ज्ञान परम्परा और समग्र स्वास्थ्य” पुस्तक भेंट
सनातन संस्कृति के सभी धार्मिक ग्रन्थ विज्ञान के विभिन्न आयामों के महाकाव्यों के पर्याय-से हैं। इसी बात को स्थापित करती है, मध्यप्रदेश ग्रन्थ अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक “भारतीय ज्ञान परम्परा और समग्र स्वास्थ्य”। पुस्तक के लेखक हैं डॉ मनोहर भंडारी ..
इंदौर। सनातन संस्कृति के सभी धार्मिक ग्रन्थ विज्ञान के विभिन्न आयामों के महाकाव्यों के पर्याय-से हैं। इसी बात को स्थापित करती है, मध्यप्रदेश ग्रन्थ अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक “भारतीय ज्ञान परम्परा और समग्र स्वास्थ्य”। पुस्तक के लेखक हैं डॉ मनोहर भंडारी जो स्वयं को पुस्तक का प्रस्तोता कहलाना उचित मानते हैं। ख्यात समाजसेवी दीपक जैन के नेतृत्व में कार्यरत “सार्थक संस्था” ने महावीर और हनुमान जयन्ती के संयुक्त संदर्भ में “धर्म और सेवा संगम” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी को यह विशेष पुस्तक डॉ विकास दवे ने भेंट की।
उल्लेखनीय है कि डॉ विकास दवे वर्तमान में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक के रूप में मध्यप्रदेश के साहित्य जगत के हजारों छिपे हुए तारों-सितारों को चुन-चुनकर सम्मानित कर चुके हैं। वे इस तरह साहित्य जगत की अभूतपूर्व सेवा साधना में धर्मभाव से जुटे हुए हैं।
डॉ भंडारी का कहना है कि भारत अवतारों की लीलाभूमि, तीर्थंकरों की साधनास्थली, ऋषि-मुनियों की अनुसंधान स्थली और महापुरुषों की कर्मस्थली के साथ अटाटूट वन संपदा, वनस्पति सम्पदा, जल सम्पदा, जीव सम्पदा, सभी ऋतुओं की क्रीड़ा स्थली है। इस पुण्य भूमि पर विश्व की समस्त जैविक विविधताओं से समृद्ध, पुण्यभूमि भारत के कण-कण, जन-जन, घर-घर, हर परम्परा, हरेक रीति में विज्ञान चुपचाप अठखेलियाँ करता रहता है। भंडारी का कहना है कि उसी विज्ञान के महासागर के मुट्ठीभर स्वर्ण कणों को भगवान की असीम कृपा, आचार्यश्री विद्यासागरजी मुनिराज की प्रेरणा और शुभ आशीर्वाद तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुलजी कोठारी की अखण्डित प्रेरणा से 370 पृष्ठों की "भारतीय ज्ञान परम्परा और समग्र स्वास्थ्य" नामक पुस्तक में सहेजने-समेटने का प्रयास किया है। पुस्तक प्रस्तोता भंडारी का कहना है, “ वस्तुतः मैं इस यज्ञ में मात्र निमित्त हूँ, इस पुस्तक को भगवान ने ही रचा है।“
बता दें कि यह “भारतीय ज्ञान परम्परा और समग्र स्वास्थ्य” पुस्तक मध्यप्रदेश ग्रन्थ अकादमी भोपाल से 270 रुपयों में प्राप्त की जा सकती है।
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