सिंधु जल संधि पर सवाल उठाने वाले जमीयत प्रमुख पर BJP का हमला
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज़ हुसैन ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को जल आपूर्ति रोकने की व्यवहारिकता पर जो सवाल उठाए हैं..
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज़ हुसैन ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को जल आपूर्ति रोकने की व्यवहारिकता पर जो सवाल उठाए हैं, वह आपत्तिजनक और निंदनीय हैं।
शहनवाज़ ने कहा, "मैं इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। यह बहुत आपत्तिजनक है। पाकिस्तान खून-खराबा करे और हम उसका पानी भी न रोकें? यह किस तरह की सलाह है? वह कह रहे हैं कि युद्ध नहीं होना चाहिए... खुद मुस्लिम समुदाय में भी इस बयान को लेकर गुस्सा है।"
अरशद मदनी का बयान: 'नदियों को रोकना आसान नहीं'
जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबन की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि "अगर कोई पानी रोक सकता है, तो रोके... ये नदियाँ हजारों वर्षों से बह रही हैं। आप इनके पानी को कहां ले जाएंगे? यह आसान नहीं है। मैं समझता हूँ कि इस देश में प्रेम का शासन होना चाहिए, न कि नफ़रत का। मैं एक मुसलमान हूँ, इस देश में ही ज़िंदगी गुज़ार रहा हूँ और मुझे मालूम है कि जो बातें आजकल बढ़ावा पा रही हैं, वो देश के लिए ठीक नहीं हैं।"
केंद्र सरकार का कदम: IWT निलंबन के बाद योजनाएं
पुलवामा जैसे हमलों के जवाब में भारत सरकार ने सिंधु जल संधि निलंबित करने की घोषणा की है। जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा, "अब पाकिस्तान को एक बूंद पानी भी नहीं दिया जाएगा।"
सरकार की योजनाओं में शामिल प्रमुख परियोजनाएं
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परियोजना का नाम |
शक्ति उत्पादन क्षमता (MW) |
स्थान |
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सावलकोट |
1,856 |
चिनाब नदी, जम्मू-कश्मीर |
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पकल दुल |
1,000 |
चिनाब बेसिन |
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रतले |
850 |
चिनाब नदी |
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बर्सर |
800 |
चिनाब बेसिन |
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किरू |
624 |
चिनाब बेसिन |
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किर्थाई 1 और 2 |
1,320 |
चिनाब बेसिन |
इन परियोजनाओं से कुल मिलाकर लगभग 12 गीगावॉट (GW) अतिरिक्त हाइड्रोपावर उत्पादन किया जाएगा, जिसे राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई
- बगलीहार बांध (चिनाब नदी) से पाकिस्तान की ओर पानी का प्रवाह रोक दिया गया है।
- किशनगंगा परियोजना (झेलम नदी) से भी पानी के बहाव को धीरे-धीरे कम करने की तैयारी है।
संधि के अंतर्गत नियम
सिंधु जल संधि (IWT) के तहत पाकिस्तान को चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों के जल पर विशेषाधिकार प्राप्त है। भारत को सीमित उपयोग की अनुमति है जैसे कि हाइड्रोपावर परियोजनाएं लेकिन जल प्रवाह नहीं रोक सकता था जो अब केंद्र सरकार बदलने पर विचार कर रही है।
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