बांग्लादेश की नयी नेतृत्व व्यवस्था के संकेत, भारत के साथ संबंधों में बदलाव के आसार
बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच भारत के साथ रिश्तों को लेकर नई सरकार ने संतुलित और व्यावहारिक रुख के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के महासचिव Mirza Fakhrul Islam Alamgir ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की भारत में मौजूदगी, ढाका और नयी दिल्ली के संबंधों को मजबूत करने में बाधा..
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच भारत के साथ रिश्तों को लेकर नई सरकार ने संतुलित और व्यावहारिक रुख के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के महासचिव Mirza Fakhrul Islam Alamgir ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की भारत में मौजूदगी, ढाका और नयी दिल्ली के संबंधों को मजबूत करने में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने जोर दिया कि भारत-बांग्लादेश संबंध किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं हैं।
ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब BNP द्वारा नई सरकार के गठन की तैयारी की जा रही है और पार्टी के कार्यवाहक प्रमुख Tarique Rahman मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं।
चुनाव परिणाम और सत्ता परिवर्तन
12 फरवरी को हुए संसदीय चुनावों में BNP-नेतृत्व वाले गठबंधन ने 299 में से 212 सीटें जीतकर निर्णायक जनादेश हासिल किया। वहीं Jamaat-e-Islami गठबंधन 77 सीटों के साथ प्रमुख विपक्ष के रूप में उभरा।
यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने और भारत चले जाने के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव था। उनकी 16 साल पुरानी अवामी लीग सरकार के खिलाफ छात्र-नेतृत्व वाले व्यापक प्रदर्शनों के बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा था।
हसीना के जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता Muhammad Yunus के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी, जिसका कार्यकाल अब चुनाव के साथ समाप्त होने जा रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंध और प्रत्यर्पण मुद्दा
हसीना के भारत आने के बाद नई दिल्ली और ढाका के संबंधों में तनाव देखा गया था। बांग्लादेश की ओर से भारत से लगातार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की जा रही है। एक ट्रिब्यूनल ने 2024 के प्रदर्शनों के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघन और मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उन्हें मृत्युदंड सुनाया है।
दिसंबर में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा था कि बांग्लादेश लौटना या नहीं लौटना, यह शेख हसीना का व्यक्तिगत फैसला है।
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि बांग्लादेश अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगा और भारत के साथ विकास साझेदारी को मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हसीना के कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर देश में जवाबदेही की मजबूत मांग है और भारत को उनके प्रत्यर्पण में सहयोग करना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यदि प्रत्यर्पण नहीं भी होता है, तो इससे व्यापार, वाणिज्य और अन्य क्षेत्रों में व्यापक द्विपक्षीय संबंध प्रभावित नहीं होंगे। BNP भारत के साथ बेहतर और रचनात्मक रिश्ते चाहता है।
मोदी की बधाई और कूटनीतिक संदेश
BNP की चुनावी जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi पहले अंतरराष्ट्रीय नेता थे, जिन्होंने तारिक रहमान को बधाई दी और दोनों देशों की शांति एवं समृद्धि के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके जवाब में BNP ने भारत के साथ सकारात्मक संवाद की इच्छा जताई और प्रधानमंत्री मोदी समेत 12 देशों के नेताओं को शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया। हालांकि, पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के चलते मोदी समारोह में शामिल नहीं होंगे। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष Om Birla समारोह में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे, क्योंकि उसी समय मोदी की मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ बैठक प्रस्तावित है।
BNP प्रमुख के सलाहकार Humayun Kabir ने कहा कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद बांग्लादेश भारत के साथ संबंधों को “रीसेट” करना चाहता है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भारत की भूमि का उपयोग हसीना या अवामी लीग के अन्य नेताओं द्वारा बांग्लादेश को अस्थिर करने के लिए न होने दिया जाए।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश की नई सरकार भारत के साथ मतभेदों को अलग रखते हुए व्यापक सहयोग, व्यापार और विकास आधारित रिश्तों को आगे बढ़ाने के संकेत दे रही है।
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