शीर्ष वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के लिए वीज़ा शुल्क खत्म करने पर विचार कर रहा है ब्रिटेन
ब्रिटेन सरकार विश्व-स्तरीय प्रतिभाओं को आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूके अब बेहतरीन वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और साइबर विशेषज्ञों के लिए वीज़ा शुल्क पूरी तरह समाप्त करने पर विचार..
नयी दिल्ली। ब्रिटेन सरकार विश्व-स्तरीय प्रतिभाओं को आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूके अब बेहतरीन वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और साइबर विशेषज्ञों के लिए वीज़ा शुल्क पूरी तरह समाप्त करने पर विचार कर रहा है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब अमेरिका ने नए H-1B वीज़ा आवेदन के लिए अचानक 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) का शुल्क लगा दिया है, जिससे उच्च कौशल वाले पेशेवर अन्य देशों की ओर काम करने का विकल्प तलाश रहे हैं।
स्टारमर सरकार की योजना
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर की “ग्लोबल टैलेंट टास्कफोर्स” इस योजना पर काम कर रही है। इस रणनीति के तहत विश्व की शीर्ष पांच विश्वविद्यालयों से स्नातक हुए छात्र या प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता जैसी प्रतिभाओं को शून्य-शुल्क वीज़ा मिल सकता है।
वर्तमान में यूके का ग्लोबल टैलेंट वीज़ा 1,030 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लेता है, जो मुख्य आवेदक के साथ-साथ उसके आश्रितों और जीवनसाथी पर भी लागू होता है।
ग्लोबल टैलेंट फंड
जून 2024 में 54 मिलियन पाउंड की लागत से शुरू हुई यह टास्कफोर्स शोधकर्ताओं, उद्यमियों, निवेशकों, वरिष्ठ इंजीनियरों और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन लाने पर केंद्रित है। सरकार का मानना है कि यह पहल नवाचार, तकनीकी विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को गति देगी।
अमेरिका बनाम ब्रिटेन
अमेरिका के H-1B वीज़ा शुल्क में अचानक हुई इस भारी वृद्धि से कंपनियां और पेशेवर दोनों हतप्रभ हैं। खासकर तकनीकी क्षेत्र में STEM श्रेणी के कर्मचारियों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। इसी स्थिति ने ब्रिटेन को अवसर दिया है कि वह खुद को शीर्ष प्रतिभाओं के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य साबित कर सके।
ब्रिटेन का मसौदा प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत पात्रता शैक्षणिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय पहचान के आधार पर तय होगी। यानी केवल वे लोग, जिनसे शोध, प्रौद्योगिकी और नवाचार में उल्लेखनीय योगदान की उम्मीद है, इस योजना के लाभार्थी बन पाएंगे।
आर्थिक दृष्टि से लाभकारी
स्टारमर सरकार का मानना है कि शीर्ष स्तरीय प्रतिभाओं को वीज़ा शुल्क से छूट देकर ब्रिटेन न केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि लंबे समय में देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा होगा।
यदि यह योजना लागू होती है, तो यह ब्रिटेन की आव्रजन नीति में एक बड़ा बदलाव होगा, जहां प्रतिभा और नवाचार को राष्ट्रीय विकास के प्रमुख साधन के रूप में अपनाया जाएगा।
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