ट्रम्प का बयान: “मैंने आठ युद्ध ख़त्म कराए, हर युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में फिर दावा किया कि उन्होंने कई बड़े युद्ध खत्म कराए हैं। इसी चर्चा में उन्होंने एक बार फिर भारत–पाकिस्तान संघर्ष को शांत कराने का अपना दावा दोहराया। ट्रम्प ने मज़ाक, नाराज़गी और आत्म-प्रशंसा को मिलाते हुए कहा कि वे न सिर्फ एक, बल्कि उन आठ युद्धों में से प्रत्येक के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं, जिन्हें वे "खत्म" करने का दावा..
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में फिर दावा किया कि उन्होंने कई बड़े युद्ध खत्म कराए हैं। इसी चर्चा में उन्होंने एक बार फिर भारत–पाकिस्तान संघर्ष को शांत कराने का अपना दावा दोहराया। ट्रम्प ने मज़ाक, नाराज़गी और आत्म-प्रशंसा को मिलाते हुए कहा कि वे न सिर्फ एक, बल्कि उन आठ युद्धों में से प्रत्येक के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं, जिन्हें वे "खत्म" करने का दावा करते हैं।
ट्रम्प के प्रमुख दावे
- “हमने आठ युद्ध खत्म किये… और शायद एक और खत्म कर देंगे,”—उन्होंने यूक्रेन युद्ध पर संकेत देते हुए कहा।
- उन्होंने मज़ाकिया लहज़े में कहा कि नोबेल पुरस्कार देने के मानक उनके मामले में अचानक बदल जाते हैं।
- “अगर मैं रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कर दूँ, तो कहते हैं मुझे नोबेल मिलेगा। पर बाकी आठ युद्धों का क्या?”
- ट्रम्प ने कहा कि वे पुरस्कार से ज़्यादा जान बचाने की परवाह करते हैं, लेकिन यह भी जोड़ा कि 2025 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारा कोरीना माचाडो पेरिस्का ने भी माना कि वे पुरस्कार के हकदार हैं।
भारत-पाकिस्तान को लेकर उनका दावा
ट्रम्प ने फिर कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में उनकी भूमिका रही।
- यह दावा वे 10 मई से अब तक 60 से ज़्यादा बार दोहरा चुके हैं
- ट्रम्प का कहना है कि 9-10 मई की रात अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों ने तुरंत और पूर्ण संघर्ष विराम पर सहमति बनाई।
भारत का रुख
भारत ने बार-बार साफ कहा है कि..
- कश्मीर या भारत-पाक संघर्ष में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी।
- द्विपक्षीय मुद्दे सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद से ही सुलझेंगे।
संघर्ष की पृष्ठभूमि क्या थी?
संक्षिप्त भारत–पाक संघर्ष (7–10 मई 2025):
- 22 अप्रैल – पहलगाम आतंकी हमला: 26 नागरिकों की मौत।
- 7 मई – ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-आकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर प्रहार किए।
- अगले चार दिनों में लाइन ऑफ कंट्रोल के दोनों ओर ड्रोन और मिसाइल हमले हुए।
- 10 मई – समझौता: दोनों देशों ने संघर्ष रोकने पर सहमति दी।
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