बंगाल में हार के बाद टीएमसी में दरार? ममता और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उठने लगे पार्टी के भीतर से सवाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद All India Trinamool Congress के भीतर भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। पार्टी के कई नेता अब खुलकर नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं और चुनावी हार के लिए Mamata Banerjee तथा Abhishek Banerjee की भूमिका पर सवाल उठा..
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद All India Trinamool Congress के भीतर भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। पार्टी के कई नेता अब खुलकर नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं और चुनावी हार के लिए Mamata Banerjee तथा Abhishek Banerjee की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। यह असंतोष उस समय सामने आया जब एक दिन पहले ही Suvendu Adhikari ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
सबसे बड़ा झटका पार्टी को अपने ही नेताओं की ओर से लगा। चुनावी हार के बाद कथित रूप से पार्टी विरोधी बयान देने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस ने अपने तीन प्रवक्ताओं को छह वर्षों के लिए निलंबित कर दिया।
इनमें से एक Riju Dutta ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर Suvendu Adhikari और अन्य भाजपा नेताओं से अपने पहले किए गए “अपमानजनक” बयानों के लिए माफी मांगी। दत्ता ने दावा किया कि जब सुवेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता थे, तब टीएमसी के नेताओं ने उन पर अधिकारी को निशाना बनाने के लिए दबाव डाला और धमकियां दीं। उन्होंने यह भी कहा कि कठिन समय में भाजपा ने उनका साथ दिया और सुरक्षा प्रदान की। पार्टी ने उन्हें अनुशासन समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
पूर्व क्रिकेटर और पूर्व मंत्री Manoj Tiwary ने भी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2026 विधानसभा चुनाव में टीएमसी टिकट पाने के लिए उम्मीदवारों से 5 करोड़ रुपये तक मांगे गए। तिवारी ने कहा कि उन्होंने इतनी राशि देने से इनकार कर दिया था।
पूर्व खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने टीएमसी के वरिष्ठ नेता Aroop Biswas की भी आलोचना की और उन पर खेल प्रशासन की समझ नहीं होने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष फुटबॉल स्टार Lionel Messi की कोलकाता यात्रा के प्रबंधन को लेकर भी अरूप बिस्वास आलोचनाओं के घेरे में आए थे, क्योंकि कथित तौर पर खराब व्यवस्थाओं के चलते कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल गई थी।
इसी बीच पार्टी प्रवक्ता Kohinoor Majumdar और Kartik Ghosh को भी पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। कोहिनूर मजूमदार ने सार्वजनिक रूप से कहा था, “पार्टी नेताओं को अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।”
आलोचनाओं का सिलसिला यहीं नहीं रुका। मालदा से टीएमसी के वरिष्ठ नेता Krishnendu Narayan Chowdhury ने भी चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली, वरिष्ठ नेताओं से दूरी और उनकी अनुपलब्धता को जिम्मेदार ठहराया।
इसके अलावा Papiya Ghosh ने भी सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व की आलोचना की, जिसके बाद अब उनके खिलाफ भी पार्टी कार्रवाई की जा रही है। उनके पिता और कूचबिहार के वरिष्ठ टीएमसी नेता Rabindranath Ghosh ने भी चुनाव परिणाम आने के बाद खुलकर अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा था।
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